Israel-Iran Conflict : इज़राइल का ईरान पर बड़ा हमला, तेहरान में धमाके, हाई अलर्ट पर क्षेत्र

Bindash Bol

Israel-Iran Conflict : शनिवार सुबह मिडिल ईस्ट में हलचल मच गई जब इजराइल डिफेंस फोर्स (Israel Defense Forces (IDF)) ने ईरान पर अचानक हमला किया। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक तेहरान में धमाकों की आवाज़ सुनी गई। हमले के साथ ही इजराइल ने नेशनल मिसाइल एलर्ट जारी कर अपने नागरिकों को सेफ जोन के पास रहने की चेतावनी दी। IDF का कहना है कि यह “प्रोएक्टिव अलर्ट” है, ताकि अगर ईरान की तरफ से मिसाइल अटैक होता है तो लोग पहले से तैयार रहें। फिलहाल इजराइल की तरफ कोई मिसाइल दागे जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

IDF ने नागरिकों को क्या चेतावनी दी?

IDF ने साफ कहा कि यह अलर्ट “प्रोएक्टिव” है, यानी एहतियात के तौर पर जारी किया गया है। सेना का कहना है कि ईरान की तरफ से मिसाइल दागे जाने की संभावना को देखते हुए जनता को पहले से तैयार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक इज़राइल की तरफ कोई मिसाइल दागे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी पूरे देश में सायरन बजाए गए और लोगों से कहा गया कि वे सेफ रूम या शेल्टर के पास रहें।

क्या यह पहले से तय हमला था?

इज़राइल के डिफेंस मिनिस्टर ने इसे “प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक” यानी पहले से किया गया हमला बताया है। इसका मतलब है कि इज़राइल ने संभावित खतरे को देखते हुए पहले कार्रवाई की। तेहरान में धमाकों की खबरों के बाद ईरान की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। अगर जवाबी हमला होता है, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

इज़राइल ने एयरस्पेस क्यों बंद किया?

हमले के तुरंत बाद इज़राइल ने सिविलियन फ्लाइट्स के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री ने लोगों से कहा कि अगली सूचना तक एयरपोर्ट पर न आएं। विदेश में मौजूद इज़राइली नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे फ्लाइट शेड्यूल के लिए मीडिया और अपनी एयरलाइन से अपडेट लेते रहें। साथ ही नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। एयरस्पेस दोबारा कब खुलेगा, यह सुरक्षा हालात पर निर्भर करेगा। बताया गया है कि फ्लाइट्स शुरू होने से 24 घंटे पहले सूचना दी जाएगी।

क्या मिडिल ईस्ट में बड़ा युद्ध शुरू होने वाला है?

यह सबसे बड़ा सवाल है। इज़राइल और ईरान के बीच पहले से ही गहरा तनाव रहा है। अगर ईरान जवाबी हमला करता है, तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर टिकी है। क्या कूटनीति हालात संभालेगी या मिसाइलों की गूंज और तेज होगी? आने वाले घंटे बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

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