Jamui Train Accident: शनिवार देर रात बिहार के जमुई जिले में एक ऐसा रेल हादसा हुआ, जिसने पूरे दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग को प्रभावित कर दिया। झाझा-किऊल रेलखंड पर जसीडीह से झाझा की ओर जा रही सीमेंट से भरी मालगाड़ी अचानक पटरी से उतर गई। इस हादसे में मालगाड़ी के 17 से 19 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से कई वैगन बरुआ नदी में गिर गए। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन रेल यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
आधी रात कैसे हुआ यह रेल हादसा?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह दुर्घटना रात करीब 11:25 बजे सिमुलतला और लहाबोन स्टेशन के बीच, सिमुलतला-तेलवा हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल के नजदीक हुई। अचानक तेज आवाज के साथ मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरते चले गए। कुछ ही पलों में दोनों लाइनों पर ट्रेन संचालन ठप हो गया।
कितने डिब्बे उतरे और कितने नदी में गिरे?
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मालगाड़ी के कुल 42 वैगनों में से 19 वैगन पटरी से उतरे, जिनमें से लगभग 8 से 10 वैगन सीधे नदी में जा गिरे। भारी वजन और पुल के पास हादसा होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।
दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग क्यों हुआ बाधित?
यह रेलखंड दिल्ली-पटना-हावड़ा मुख्य रूट का अहम हिस्सा है। हादसे के बाद अप और डाउन दोनों लाइनों पर परिचालन रोकना पड़ा। इसका असर यह हुआ कि 30 से अधिक ट्रेनों को डायवर्ट या रद्द करना पड़ा। रात भर यात्री स्टेशनों पर परेशान होते रहे।
राहत और बहाली का काम कैसे चल रहा है?
हादसे की सूचना मिलते ही आसनसोल, मधुपुर और झाझा से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) और तकनीकी टीमें मौके पर भेजी गईं। बड़ी क्रेनों की मदद से डिब्बों को हटाने और पटरी की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि प्राथमिकता दोनों लाइनों को जल्द से जल्द चालू करने की है।
क्या हादसे की वजह सामने आई?
फिलहाल हादसे की सटीक वजह साफ नहीं हो पाई है। रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी खराबी, ट्रैक में दोष या अन्य कारण—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
यात्रियों के लिए क्या है सलाह?
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें। कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं और कुछ के समय में बदलाव किया गया है। हालांकि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन जिस तरह मुख्य रेल मार्ग प्रभावित हुआ, उसने रेल सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें रेलवे जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
