MONSOON SESSION OF JHARKHAND : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 7 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल पांच कार्य दिवस होंगे। 11 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में सत्र से जुड़े औपबंधिक कार्यक्रम पर सहमति मिल चुकी है। सात दिन के सत्र में 2 अगस्त और 3 अगस्त को शनिवार और रविवार की वजह से अवकाश रहेगा।
सत्र का दिनवार कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा
1 अगस्त, शुक्रवार
- राज्यपाल द्वारा सत्र के बाहर promulgate किए गए अध्यादेशों की प्रमाणीकृत प्रतियों को विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
- इसके बाद दिवंगत व्यक्तियों के प्रति शोक प्रस्ताव पारित कर कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी।
4 अगस्त, सोमवार
- प्रश्नकाल के साथ दिन की शुरुआत होगी।
- तत्पश्चात वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रथम अनुपूरक बजट विधानसभा पटल पर प्रस्तुत किया जाएगा।
5 अगस्त, मंगलवार
- प्रश्नकाल के बाद अनुपूरक बजट पर सामान्य चर्चा होगी।
- इसके उपरांत संचित निधि से व्यय की अनुमति हेतु विनियोग विधेयक का प्रस्तुतीकरण और पारण होगा।
6 अगस्त, बुधवार
- प्रश्नकाल के बाद सदन में राजकीय विधेयकों और अन्य राजकीय कार्यों का निष्पादन किया जाएगा।
7 अगस्त, गुरुवार
- यह सत्र का अंतिम कार्य दिवस होगा।
- प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और अन्य कार्यों के अलावा गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी और संबंधित विभागीय मंत्री जवाब देंगे।
सत्र में उठ सकते हैं ये बड़े मुद्दे
2024 के मानसून सत्र की तरह इस बार भी विपक्ष द्वारा भ्रष्टाचार, रोजगार संकट, विधि व्यवस्था और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे विषयों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की संभावना है।
विशेष रूप से संथाल क्षेत्र में बदलती डेमोग्राफी को लेकर भी विपक्षी दल आक्रामक रुख अपना सकते हैं।
विपक्षी रणनीति के मद्देनज़र सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामे की पूरी आशंका है। वहीं, सरकार अनुपूरक बजट और विकास से जुड़े विधेयकों के माध्यम से अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखेगी।
