मंईयां सम्मान के खिलाफ दायर PIL खारिज, दिसंबर से मिलेंगे 2500 प्रतिमाह, हेमंत बोले-तानाशाह हार गया

Bindash Bol

रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव के बीच झारखंड हाई कोर्ट का मंईयां सम्मान योजना को लेकर बड़ा फैसला आया है।
अदालत ने इस योजना पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। दरअसल सिमडेगा के रहने वाले विष्णु साहू ने अपने अधिवक्ता राजीव कुमार के माध्यम से जनहित याचिका दाखिल की है। जिसमें कहा गया है कि चुनाव से पहले सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए इस तरह की योजना शुरू की है।

मंईयां के हक-अधिकार के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे

हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- राज्य की मंईयां जीत गई, तानाशाह हार गया, पर लड़ाई जारी है। सीएम हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा- ‘मंईयां के खिलाफ अब ये सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, पर मैं आपका भाई, आपका बेटा, वहां भी इन्हें हराएगा, जय मंईयां, जय जय झारखंड।

इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह भी कहा था कि आज मंईयां सम्मान योजना बंद करवाने के तानाशाहों के केस पर सुनवाई होगी। उन्होंने लिखा- आपकी अबुआ सरकार पूरी मजबूती से इस मुकदमें को लड़ रही है। राज्य के सबसे बड़े वकील महाधिक्ता, राज्य की सभी मंईयां के हक के लिए हमारी आवाज बुलंद करेंगे। लड़ेंगे, जीतेंगे- पर हम झारखंडी हार नहीं मानेंगे।

सिमडेगा के रहने वाले विष्णु साहू ने दायर की थी याचिका

झारखंड सरकार की ओर से चलाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पर रोक लगाने के लिए झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की पीठ में सुनवाई हुई। सिमडेगा के रहने वाले विष्णु साहू ने अपने अधिवक्ता राजीव कुमार के माध्यम से जनहित याचिका दाखिल की थी।

इस जनहित याचिका में दलील दी गई है कि चुनाव से पहले सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए इस तरह की योजना शुरू की है। मामले में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने दलीलें पेश की।

Share This Article
Leave a Comment