Jharkhand Politics : झारखंड में हेमंत सोरेन का ‘कोडरमा प्रयोग’: यादव वर्चस्व तोड़ने की तैयारी, JMM का बड़ा सियासी दांव

Sushmita Mukherjee
  • शालिनी गुप्ता की एंट्री से बदलेगा कोडरमा का जातीय गणित
  • गठबंधन से आगे, अब अकेले दम पर JMM की तैयारी!
  • हेमंत सोरेन की राजनीति: उम्मीदवार नहीं, संदेश उतारिए

Jharkhand Politics : झारखंड की राजनीति में हेमंत सोरेन अब चुनावी मौसम से पहले ही शतरंज की बिसात बिछाने में जुट गए हैं। उनकी रणनीति साफ़ है—हर सीट पर ऐसा मज़बूत चेहरा खड़ा करना, जिससे न सिर्फ़ जीत की संभावना बढ़े बल्कि सहयोगी दलों पर निर्भरता भी कम हो। इसी रणनीति के तहत कोडरमा सीट पर होने वाला राजनीतिक घटनाक्रम खासा अहम माना जा रहा है।

05 फरवरी को कोडरमा से शालिनी गुप्ता का झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) में शामिल होना केवल दल-बदल नहीं, बल्कि एक सोची-समझी सामाजिक-राजनीतिक चाल है। अब तक इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) चुनाव लड़ती रही है और यादव मतों का केंद्रीकरण इसका आधार रहा है। लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि कोडरमा में हर बड़े पद पर यादव चेहरे की मौजूदगी से अन्य जातियों और सामाजिक समूहों में असंतोष पनप रहा है।

शालिनी गुप्ता का JMM में आना इस असंतोष को राजनीतिक स्वर देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके आने से भाजपा की नीरा यादव और अन्नपूर्णा देवी—दोनों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वजह साफ़ है: एक तरफ़ यादव वोटों का बंटवारा, दूसरी तरफ़ गैर-यादव तबकों की संभावित गोलबंदी।

हेमंत सोरेन की राजनीति हमेशा से पहचान और प्रतिनिधित्व के सवालों पर टिकी रही है। आदिवासी, पिछड़े और हाशिए के समुदायों को साथ लेकर चलने की उनकी रणनीति अब कोडरमा में भी दिखाई दे रही है। JMM यह संदेश देना चाहती है कि सत्ता और प्रतिनिधित्व किसी एक जाति की बपौती नहीं हो सकता।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह कदम RJD के लिए भी चेतावनी है। अगर JMM अपने दम पर मजबूत उम्मीदवार उतारने लगी, तो गठबंधन की मजबूरी धीरे-धीरे खत्म हो सकती है। वहीं भाजपा के लिए चुनौती यह है कि अब मुकाबला सिर्फ़ पार्टी बनाम पार्टी नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन बनाम जातीय वर्चस्व का हो सकता है।

कुल मिलाकर, कोडरमा अब सिर्फ़ एक संसदीय सीट नहीं रही। यह हेमंत सोरेन की उस दीर्घकालिक रणनीति का टेस्ट केस बनती जा रही है, जिसमें वे झारखंड की राजनीति को नए सामाजिक समीकरणों के साथ दोबारा परिभाषित करना चाहते हैं।

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