“अबुआ दिशोम बजट” से विकास का नया विज़न
Jharkhand Budget 2026 : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया है। राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने विधानसभा में यह बजट प्रस्तुत करते हुए इसे “अबुआ दिशोम बजट” का नाम दिया। यह सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के ओवरऑल डेवलपमेंट, सोशल वेलफेयर और इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन का मजबूत रोडमैप है।
इस बार सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट भी पेश किया है। यानी अब सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि परिणाम भी मापे जाएंगे।

शिक्षा में क्रांति: 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का ऐलान
“हर जिले में शिक्षा का नया मॉडल”
बजट का सबसे बड़ा और चर्चित ऐलान है—राज्य में 100 नए ‘पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना। प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन स्कूलों का उद्देश्य है…
••आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
••स्मार्ट क्लासरूम
••डिजिटल लर्निंग
••बेहतर शिक्षण गुणवत्ता
••प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का माहौल
यह पहल सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की दिशा में ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्रों के बीच की खाई को खत्म किया जाए।
“बेटियों की शिक्षा पर विशेष फोकस”
बजट में 5 नए बालिका आवासीय विद्यालयों की घोषणा की गई है….
••धनबाद में 2
••पलामू में 1
••लातेहार में 1
••गढ़वा में 1
यह पहल बेटियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है।
स्वास्थ्य सेक्टर को मजबूती: कैंसर मरीजों के लिए 200 करोड़ अलग
“स्वास्थ्य ही समृद्धि की नींव”
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के लिए 7,790 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। खास बात यह है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
इसका उद्देश्य है…
कैंसर ट्रीटमेंट सुविधाओं का विस्तार
आधुनिक मेडिकल उपकरण
विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति
गरीब मरीजों को राहत
यह प्रावधान राज्य में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देगा।
महिला एवं बाल विकास: 22,000 करोड़ का मेगा पैकेज
“आधी आबादी को सबसे बड़ी प्राथमिकता”
महिला एवं बाल विकास के लिए 22,000 करोड़ रुपये का भारी आवंटन किया गया है। यह बजट का सबसे बड़ा सामाजिक निवेश माना जा रहा है।
मुख्य फोकस…
••महिला सुरक्षा
••पोषण
••स्किल डेवलपमेंट
••आर्थिक सशक्तिकरण
“महिला किसान खुशहाली योजना”
महिला किसानों को ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ के तहत इंटीग्रेटेड फार्मिंग और टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा। इससे उनकी आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास होंगे।
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना जारी
राज्य सरकार की लोकप्रिय योजना ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ को भी बजट में जारी रखा गया है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सहायता दी जाती है।
यह योजना—
••महिलाओं की आर्थिक मजबूती
••परिवार की आय में सहयोग
••सामाजिक सुरक्षा
को सुनिश्चित करती है।
ग्रामीण विकास: गांवों की बदलेगी तस्वीर
“गांव मजबूत तो राज्य मजबूत”
ग्रामीण विकास के लिए 12,346 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से—
••गांवों में सड़क निर्माण
••आवास योजनाएं
••रोजगार सृजन
••आजीविका मिशन
को बढ़ावा मिलेगा।
पंचायती राज को सशक्त बनाने पर जोर
पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए 2,285 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे स्थानीय स्वशासन को मजबूती मिलेगी और विकास योजनाओं का लाभ सीधे गांव तक पहुंचेगा।
विकास का समग्र ब्लूप्रिंट
झारखंड बजट 2026-27 सिर्फ वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की ठोस रणनीति है। शिक्षा में 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, स्वास्थ्य में कैंसर मरीजों के लिए विशेष प्रावधान, महिलाओं और बच्चों के लिए 22,000 करोड़ का आवंटन और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर—ये सब मिलकर राज्य को नई दिशा देने की कोशिश है।
यह बजट स्पष्ट संदेश देता है कि सरकार विकास को समावेशी और परिणाम आधारित बनाना चाहती है। अब देखना होगा कि इन घोषणाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी और पारदर्शिता से होता है।
