Kaal Sarp Dosh : कालसर्प दोष, क्या आप छुटकारा पाना चाहते हैं…

Sanat Kumar Dwivedi

Kaal Sarp Dosh : ज्योतिष शास्त्र में काल सर्प दोष को बहुत ही अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प दोष होता है तो व्यक्ति को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कुंडली में काल सर्प दोष होने से व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित होता है. इसलिए कालसर्प दोष की पूजा पूरे विधि विधान के साथ होना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कालसर्प दोष क्या है, कालसर्प दोष की पूजा विधि और फायदे और कालसर्प दोष के लक्षण.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में कालसर्प दोष को अत्यंत ही अशुभ दोष माना गया है. कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं. इस दोष के प्रभाव से मनुष्य के बने-बनाए कार्य रुक जाते हैं और उसे सुख, धन और शांति की हानि भी झेलनी पड़ती है. मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है. इस दिन मौन व्रत, पवित्र में नदी में स्नान और ध्यान करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है.

कालसर्प दोष के लक्षण

  • जिस व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प दोष होते हैं इस व्यक्ति को अक्सर सपने में मृत लोग दिखाई देते हैं. इतना ही नहीं कुछ लोगों को तो यह भी दिखाई देता है कि कोई उनका गला दबा रहा हो.
  • जिस व्यक्ति के जीवन में काल सर्प दोष होता है उसे जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है और जब उसको जरुरत होती है तब उसे अकेलापन महसूस होता है.
  • कालसर्प से पीड़ित व्यक्ति के कारोबार पर काफी नकारात्मक असर पड़ता है. इसे व्यापार में बार बार हानी का सामना करना पड़ता है.
  • इसके अलावा नींद में शरीर पर सांप को रेंगते देखना, सांप को खुद को डसते देखना.
  • बात-बात पर जीवनसाथी से वाद विवाद होना. यदि रात में बार बार आपकी नींद खुलती है तो यह भी काल सर्प दोष का ही लक्षण है.
  • इसके अलावा काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को सपने में बार-बार लड़ाई झगड़ा दिखाई देता है.
  • काल सर्प दोष के कारण व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होता है. साथ ही सिर दर्द, त्वचारोग आदि भी कालसर्प दोष के लक्षण है.

पंचांग के अनुसार, साल 2025 में मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी. मौनी अमावस्या के दिन स्नान और जरूरतमंदों को दान जरूर करना चाहिए. ऐसा करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र में मौनी अमावस्या के दिन कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से कालसर्प दोष से मुक्ति पाई जा सकती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन सभी आसान और सटीक उपायों को करने से व्यक्ति को जीवन में हर सफलता प्राप्त होती है. आइए जानते हैं वो आसान उपाय कौन से हैं.

नाग-नागिन की पूजा

मौनी अमावस्या पर चांदी के नाग-नागिन की पूजा करना शुभ माना गया है. नाग नागिन की पूजा करने के बाद से इन्हें किसी पवित्र नदी में बहा देना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि इससे कुंडली में कालसर्प दोष खत्म होने की संभावना बढ़ जाती है और शुभ फल प्राप्त होते हैं.

स्नान-ध्यान और शिव पूजा

मौनी अमावास्या के दिन पवित्र नदी में स्नान-ध्यान करें और इसके बाद भगवान शिव के तांडव स्त्रोत का विधिपूर्वक पाठ करना चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है और कालसर्प दोष भी दूर हो सकता है.

तुलसी माता की पूजा

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या की शाम के समय तुलसी के पास घी का दीया जलाएं और 108 बार तुलसी के पौधे की परिक्रमा करें. ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिल सकती है. अमावस्या के दिन इस उपाय को करना बहुत लाभकारी होता है. आप इस घी के दीपक ईशान कोण यानी की उत्तर पूर्व की दिशा में भी जला सकते हैं.

महामृत्युंजय मंत्र का जाप

धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव के शक्तिशाली महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करने से और शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करने से व्यक्ति सुख, सौभग्य, धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है. ऐसा करना आपको कालसर्प दोष से छुटकारा दिला सकता है.

अन्य उपाय से भी मिलती है राहत

  • काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को घर या मंदिर में जाकर रोजाना शिवलिंग पर अभिषेक करना चाहिए।
  • प्रदोष तिथि के दिन शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करना भी लाभकारी रहता है।
  • इसके अलावा उस व्यक्ति को रोजाना कुलदेवता की रोजाना प्रतिदिन आराधना करनी चाहिए।
  • प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए।
  • इसके अलावा हनुमान चालीसा का रोजाना 11 बार पाठ करना चाहिए।
  • कालसर्प से पीड़ित व्यक्ति को अपने घर में मोरपंख रखने चाहिए।
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