Kalpana Soren : राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की पहचान एक बार फिर वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई। गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन को ‘वुमेन एम्पावरमेंट ट्रेलब्लेजर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके प्रभावी नेतृत्व, जमीनी पहल और सामाजिक बदलाव की दिशा में किए गए कार्यों के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन BRICS Chamber of Commerce and Industry के महिला सशक्तिकरण वर्टिकल द्वारा किया गया, जिसमें दुनिया भर से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया।

“यह सम्मान हर मंईयां का है”
सम्मान प्राप्त करने के बाद कल्पना सोरेन ने विनम्रता दिखाते हुए इसे व्यक्तिगत उपलब्धि मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान झारखंड की हर महिला को समर्पित है—उन महिलाओं को, जो परिवार, समाज और राज्य की नींव को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज महिलाएं व्यापार, विज्ञान, खेल, प्रशासन और नवाचार जैसे क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और विकास की रफ्तार को गति दे रही हैं।
हाशिए से मुख्यधारा तक
अपने संबोधन में उन्होंने समाज के हाशिए पर मौजूद महिलाओं की आवाज को केंद्र में लाने की जरूरत पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि अब झारखंड में महिलाओं को केवल योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि बदलाव की अगुवाई करने वाली शक्ति के रूप में देखा जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।
ग्लोबल मंच पर झारखंड की बेटियां
हालिया विदेश यात्राओं के अनुभव साझा करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पढ़ रही झारखंड की बेटियों का आत्मविश्वास और संघर्ष उन्हें प्रेरित करता है। यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य की प्रतिभाएं अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब हर महिला को समान अवसर और नेतृत्व के बराबर मौके मिलें।

दिग्गजों की मौजूदगी
इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में देश-विदेश की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। इनमें मीनाक्षी लेखी, रक्षा खडसे, अभिषेक सिंह, संजय भट्टाचार्य, रुपिंदर बरार, शबाना आज़मी, भूमि पेडनेकर, लेबोगैंग जुलु और अमिता चौहान जैसी हस्तियां शामिल रहीं।
झारखंड की बढ़ती वैश्विक पहचान
यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड में महिला सशक्तिकरण की मजबूत होती नींव और बदलते सामाजिक परिदृश्य का प्रतीक है। कल्पना सोरेन का यह सम्मान राज्य की उन लाखों महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास और उभरती ताकत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का काम करता है।
