बसंत पंचमी पर कव्यगोष्ठी

Bindash Bol

Kavyagoshthi: बसंत पंचमी के अवसर पर 23 जनवरी संध्या 6.30 बजे से झारखण्ड हिन्दी साहित्य संस्कृति मंच द्वारा ऑनलाइन कव्यगोष्ठी आयोजित किया गया। इस काव्यगोष्ठी की अध्यक्षता मंच के कार्यकारी अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने की। गोष्ठी का शुभारंभ सुनीता कुमारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। मंच के संयुक्त सचिव डॉ० वैद्यनाथ मिश्र द्वारा काव्य-पाठ में भाग लेने वाले कवयित्रियों-कवियों का स्वागत किया। गीता चौबे ‘गूँज’, डॉ० गीता सिन्हा ‘गीतांजलि’, डॉ० वैद्यनाथ मिश्र, हिमकर श्याम, डॉ० मीरा सोनी, गिरिजा कोमल सोनी, कृष्णा विश्वकर्मा ‘बादल’, मंच के उपाध्यक्ष आसित कुमार, वृषयः सदस्य अनिता ‘रश्मि’, सुनीता कुमारी, सुजाता प्रिय ‘समृद्धि’, मचं की कार्यकारिणी के सदस्य कामेश्वर कुमार ‘कामेश’ एवं सचिव बिनोद सिंह गहरवार द्वारा काव्य पाठ किया गया। कार्यक्रम में सरस्वती के भक्ति-गीत, देश-महिमा और बसंत की शोभा संबंधी कविताओं की रसधारा प्रवाहित होती रही। कवयित्रियों और कवियों ने अपनी-अपनी वाणी से जो शब्दगन्ध बिखेरे और जो रस वर्षण किया वह अद्भुत था। गोष्ठी का संचालन कामेश्वर कुमार सिंह ‘कामेश’ ने किया। मंच के कार्यकारीअध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन सभी कवियों और कवयित्रयों को उनकी प्रस्तुतियों एवं सुंदर संचालन के कामेश्वर कुमार सिंह ‘कामेश’ सराहना की, गूगल मीट के लिए अर्पणा सिंह को धन्यवाद देते हुए साधुवाद कहा। उन्होंने अपने संबोधन में बसंत पंचमी, वसंत ऋतु और सरस्वती पूजा पर अपना विचार रखा और सबों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएँ दीं। गोष्ठी का समापन मंच के कोषाध्यक्ष कृष्ण विश्कर्मा बादल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

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