Kerala local body elections: केरल में मार्च-अप्रेल में होने वाले विधानसभा चुनाव से ऐन पहले हुए पंचायत-नगर निकाय के चुनाव में सत्तारूढ़ सीपीएम नीत वामपंथी गठबंधन एलडीएफ को गांवों-शहरों में हार का बड़ा झटका लगा है। यूडीएफ गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की है। खास बात यह भी रही कि BJP ने बड़ा उलटफेर करते हुए राजधानी तिरुवनंतपुरम के नगर निगम में 101 में से 50 सीटें जीत कर भगवा परचम का इतिहास रच दिया।
CPM का अभेद किला ढहा
भाजपा ने 45 साल से काबिज सीपीएम को शिकस्त देते हुए अपना महापौर बनाने का रास्ता साफ कर लिया। भाजपा ने प्रदेश की पहली महिला आइपीएस अधिकारी श्रीलेखा को महापौर का चेहरा घोषित किया था। हालांकि जब उनसे मीडिया ने पूछा कि क्या आप मेयर बनेंगी? तो उन्होंने कहा कि इस पर फैसला हाईकमान लेगी। राजधानी में एलडीएफ को 29, यूडीएफ को 19 तथा निर्दलीयों को दो सीट मिली। तिरुवनंतपुरम के कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भाजपा की जीत को लोकतंत्र की खुबसूरती बताया है।
निकाय चुनाव में पार्टी की जीत पर राहुल खुश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदेश में पार्टी की जीत पर केरल को सेल्यूट करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का संकेत बताया है। राज्य में दो चरणों में हुए चुनाव में पंचायत की त्रिस्तरीय संस्थाओं और नगर निकायों के करीब 25000 वार्डों में 72 फीसदी मतदान हुआ था। शाम तक जारी रुझान/परिणामों में यूडीएफ ने 79 ब्लॉक, 7 जिला, 54 नगर पालिका तथा 4 नगर निगमों में बढ़त बना ली। सत्तारूढ़ एलडीएफ 63 ब्लॉक, 7 जिला, 38 नगर पालिका तथा केवल एक नगर निगम में बढ़त बना पाई।
मोदी ने बताया ऐतिहासिक क्षण
पीएम मोदी ने X पर लिखा- धन्यवाद तिरुवनंतपुरम! नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिला जनादेश केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण है। जनता को विश्वास है कि राज्य की विकास संबंधी आकांक्षाओं को केवल हमारी पार्टी ही पूरा कर सकती है। हमारे कार्यकर्ता हमारी शक्ति हैं और हमें उन पर गर्व है।
कौन है पूर्व IPS श्रीलेखा
आर श्रीलेखा केरल की पहली महिला IPS अधिकारी रह चुकी हैं। वह 1987 बैच की केरल कार्डर की IPS अधिकारी रही हैं। उन्होंने राज्य के कई जिलों में पुलिस की जिम्मेदारी संभाली। इसके साथ ही, CBI, क्राइम ब्रांच, विजिलेंस, फायर फोर्स, मोटर व्हीकल विभाग और जेल प्रशासन जैसे अहम विभागों में काम किया। 2017 में उन्हें DGP के पद पर पदोन्नत किया गया और वे इस रैंक तक पहुंचने वाली केरल की पहली महिला अधिकारी बनीं। दिसंबर 2020 में उन्होंने 33 साल की सेवा के बाद रिटायरमेंट लिया। इसके बाद साल 2024 में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की।
