LPG Crisis : भारत ने पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान से एलपीजी खरीदना शुरू कर दिया है, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद एक महत्वपूर्ण कदम है।
पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य में गैस सप्लाई बाधित हुई, जिससे भारत में भी एलपीजी संकट पैदा हो गया है।
भारत अपनी 60% एलपीजी जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें 90% खाड़ी देशों से आती है। 2019 से अमेरिकी दबाव में भारत ने ईरान से ऊर्जा खरीद बंद कर दिया था , लेकिन अब अमेरिका ने अस्थायी छूट दी है।
भारत ने ईरान से जो एलपीजी कार्गो खरीदा, वो पहले चीन जा रहा था लेकिन अब भारतीय तट की ओर मुड़ चुका है।
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम इस कार्गो को साझा करेंगे। पेमेंट भी रुपये में होगा। भारत ईरान से और अधिक एलपीजी कार्गो खरीद रहा है।
अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट के बावजूद यह खरीद “अमेरिका की नाक के नीचे” मानी जा रही है, क्योंकि ईरान पर उसका दबाव लगातार बना हुआ है।
भारत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया आदि से भी सप्लाई बढ़ा रहा है, लेकिन ईरान से सीधी खरीद असंभव सी लगनेवाली जबरदस्त कूटनीति है।
