Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में अभी महाकुंभ की शुरुआत नहीं हुई है लेकिन अभी से ही एक से एक दिव्य साधु संतों के दर्शन मिल रहे हैं. प्रयागराज मेें महाकुंभ के लिए एक ऐसे बाबा भी पहुंचे जिन्होंने अपने सिर पर 45 किलो रुद्राक्ष धारण किया हुआ है. इन्हें लोग रुद्राक्ष बाबा कहकर संबोधित करते हैं. वैसे रुद्राक्ष बाबा का नाम गीतानंद जी महाराज है.
वे जहां भी जाते हैं, 33 हजार रुद्राक्ष और करीब 45 किलो वजन की अपनी इस माला को अपने सिर पर धारण करने की वजह से आकर्षण का केंद्र रहते हैं.
इस बार रुद्राक्ष वाले बाबा (मोनी बाबा) 5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष लेकर आए हैं. वे इन 5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष से 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक बनाएंगे. बाबा बताते हैं कि 1989 से 14 साल तक वे मौन रहे. इसके बाद बोलना शुरू किया लेकिन नाम मौनी बाबा पड़ गया. मौनी बाबा सबसे ज्यादा बोलने वाले बाबाओं में से एक हैं.
उन्होंने कहा कि महाकुंभ में पहली बार रुद्राक्ष के शिवलिंगों का दिव्य दर्शन पूरे विश्व को होगा. देश को बचाना है, राष्ट्र को सजाना है.भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है.
बहुत अधिक मुखर बाबा से जब पूछा गया कि आपका नाम मौनी बाबा कैसे पड़ा, तो उन्होंने बताया कि 1989 से 14 वर्षों तक भगवान राम के वनवास काल को मैंने मौन व्रत की तरह पूरा किया. लगभग 45 वर्षों से मैं नमक और मीठे का सेवन नहीं करता. 56 बार भू समाधि और 27 बार जल समाधि ली. मौन वाणी को सिद्ध करता है.
उन्होंने कहा कि विद्या देने वाले भगवान शिव हैं.जब मंत्रों का जप होता है तो विद्या सिद्ध हो जाती है, वाणी सिद्ध हो जाती है. फिर आप जो चाहेंगे प्राप्त हो जाएगा. मौन का मतलब धर्म को, धैर्य को धरण करें. अपने कल्याणार्थ नहीं, समूचे देश के कल्याणार्थ सभी लोगों को मौन रहना चाहिए. मौन रहने से आपकी सहिष्णुता बढ़ेगी, क्षमता बढ़गी, वैराग्य बढ़ेगा, तप और तेज बढ़ेगा, विद्या, बुद्धि और भक्ति बढ़ेगी, कर्म बढ़ेगा और चरित्र पुष्ट होगा.