Nepal Politics : नेपाल में बालेन शाह सरकार का बड़ा एक्शन: पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली समेत कई दिग्गज गिरफ्तार

Bindash Bol

* पूर्व पीएम केपी ओली और पूर्व गृह मंत्री की गिरफ्तारी से नेपाल की राजनीति में हलचल

Nepal Politics : नेपाल की राजनीति में बड़ा भूचाल देखने को मिला है। प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने सख्त रुख अपनाते हुए जेनरेशन-Z आंदोलन से जुड़े मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार के आदेश पर पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया है।

Gen-Z आंदोलन की रिपोर्ट पर पहली कैबिनेट में फैसला

शुक्रवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में पिछले साल सितंबर में हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शन की उच्चस्तरीय जांच आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। बैठक में रिपोर्ट की सिफारिशों को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया गया।
सरकार का आरोप है कि आंदोलन के दौरान शीर्ष पदों पर रहते हुए भी जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही बरती, जिसके चलते हालात बिगड़े। इसी आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

10 साल तक की सजा की सिफारिश

सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री और प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि जांच आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक सहित कई अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग ने आरोपियों के खिलाफ अधिकतम 10 साल की कैद की सिफारिश की है। अब अंतिम फैसला अदालत करेगी।

सुरक्षा अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज

सरकार ने केवल राजनीतिक नेताओं तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। जांच आयोग ने तत्कालीन नेपाल पुलिस महानिरीक्षक चंद्र कुबेर खापुंग समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की सिफारिश की है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने इन सिफारिशों को मंजूरी दे दी है और जल्द ही बड़े प्रशासनिक फैसले सामने आ सकते हैं।
बनेगा विशेष अध्ययन दल
प्रवक्ता पोखरेल ने बताया कि गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले जांच आयोग की सिफारिशों को लागू करने और सुरक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के लिए एक विशेष अध्ययन दल गठित किया जाएगा। यह दल आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय करेगा।

नेपाल की राजनीति में नया संदेश

बालेन शाह सरकार ने साफ संकेत दिया है कि सत्ता में आते ही जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नेपाल के कई बड़े अधिकारी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
नेपाल की नई सरकार का यह कदम देश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

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