NISAR : खुल गई निसार की छतरी, अब आकाश से धरती पर रखेगा नजर, जानिए कैसे जिंदगियां बचाएगा ISRO-NASA का ये मिशन

Bindash Bol

जल्द ही आकाश में एक नया भारतीय-अमेरिकी रोबोटिक उपग्रह जोशीमठ जैसी भूमि फटने की घटना और हिमालय में भूस्खलन पर नजर रख कर लोगों का बहुमूल्य जीवन बचाएगा. यह एक अनूठा उपग्रह है जिसे दिन और रात दोनों ही वक्त पृथ्वी की निगरानी करने के लिए बनाया गया है. मिशन का उद्देश्य आपदाओं के जोखिम को कम करना है.

आपदाओं के बारे में बताएगा निसार

आपदाएं किस तरह से विकसित होती हैं, भूकंप कैसे आते हैं, ज्वालामुखी कैसे तैयार होते हैं, पृथ्वी पर मौजूद बर्फ की चादर कैसे पिघल या बदल रही है और समुद्र के स्तर में वृद्धि कर रही है यह हमें बताएगा. यह भी पता चलेगा कि जंगल की आग किस तरह से पृथ्वी के वन आवरण में परिवर्तन लाते हैं और वातावरण को प्रभावित करते हैं. यह बहुत प्रासंगिक है. समाज जिन चीजों की परवाह करता है इसमें वह सब मौजूद है. जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण में बदलाव समाज को कैसे प्रभावित करता है इससे हमें पता चलता है,”

पर्यावरण परिवर्तन का अध्ययन करेगा उपग्रह

वैज्ञानिक लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए नासा ने कहा, यह समर्पित अमेरिकी और भारतीय मिशन खतरों और वैश्विक पर्यावरण परिवर्तन का अध्ययन करने के लिए बनाया गया है. यह मिशन पृथ्वी की सतह पर परिवर्तन के कारणों और परिणामों का विश्व स्तर पर आकलन करेगा. निसार पृथ्वी पर कई जगहों पर इकोसिस्टम में परिवर्तन से लेकर बर्फ की चादर में सिकुड़न के साथ भूकंप, सूनामी, ज्वालामुखी और भूस्खलन सहित प्राकृतिक खतरों को लेकर तस्वीरें भेजेगा और हल प्रदान करेगा.

नासा और इसरो के संयुक्त धरती-निगरानी उपग्रह मिशन NISAR ने एक बड़ा कीर्तिमान हासिल कर लिया है. इस मिशन का विशाल रडार एंटीना रिफ्लेक्टर अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक खुल चुका है, जिसकी पुष्टि @NASAJPL ने की है. यह एक मील का पत्थर है, जो इसे धरती के बदलते सतह का सटीक अध्ययन करने के लिए तैयार करता है. NISAR का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसका 12 मीटर व्यास का ड्रमनुमा रडार एंटीना रिफ्लेक्टर है. जिसे लॉन्च के बाद सिकुड़ा हुआ रखा गया था. 9 अगस्त से 13 अगस्त तक इसे 9 मीटर के बूम पर धीरे-धीरे खोला गया और फिर 15 अगस्त को छोटे विस्फोटक बोल्ट फायर किए गए, जिससे यह “ब्लूम” प्रक्रिया शुरू हुई. यह प्रक्रिया एक छाता खोलने जैसी है, जिसमें तनाव छोड़कर एंटीना खुला और मोटर-केबल की मदद से अंतिम स्थिति में लॉक हुआ. नासा-इसरो का संयुक्त मिशन NISAR धरती के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर निगरानी रखेगा. यह हिमनदों की हलचल और पिघलने की जानकारी देगा, भूकंप के फॉल्ट जोन और ज्वालामुखी में बदलाव मापेगा. साथ ही जंगल, दलदल और पारिस्थितिकी तंत्र में हो रहे परिवर्तनों को ट्रैक कर सकेगा. बाढ़, भूस्खलन और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी देने के साथ यह फसलों और जल स्रोतों पर भी नजर रखकर खाद्य और पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा…

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