Nobel Peace Prize 2025 : ट्रंप को नहीं मिला नोबल शांति पुरस्कार, वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो के नाम पर लगी मुहर

Bindash Bol

Nobel Peace Prize 2025 : नोबेल शांति पुरस्कार का ऐलान कर दिया गया है. बड़ी आस लगाकर बैठे और 8 युद्ध रुकवाने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह पुरस्कार नहीं मिला है. बल्कि वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को यह सम्मान दिया गया है. बता दें कि, ट्रंप पिछले कई दिनों से इस पुरस्कार को पाने की चाहत जाहिर कर रहे थे. यहाँ तक की उन्होंने इसे अमेरिका के सम्मान तक से जोड़ दिया था.

बता दें कि, यह दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान है, जो उन लोगों को मिलता है जो शांति, भाईचारा और दुनिया को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं. अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने दुनिया को कितना बेहतर बनाया है, इस पर अलग से बहस हो सकती है. लेकिन, ट्रंप खुद को इस मामले में इतिहास पुरुष मानते हैं. हालांकि, पुरस्कार देने वाली जूरी को ऐसा नहीं लगता है.

मारिया मचाडो वेनेजुएला की नेता प्रतिपक्ष हैं उन्होंने वहां पर लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर अपने देश को ले जाने के लिए लगातार संघर्ष किया है. वह पेशे से इंजीनियर बताई जातीं है.

उम्मीदवारी रोकी गई, लेकिन हिम्मत नहीं हारी

2024 के चुनाव से पहले मचाडो विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार थीं, लेकिन शासन ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी. इसके बाद उन्होंने दूसरे विपक्षी उम्मीदवार एडमुंडो गोंजालेज उरुटिया का समर्थन किया. सैकड़ों वॉलंटियर ने सियासी सीमाओं से परे जाकर चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जमकर मेहनत की.

धमकियों, गिरफ्तारियों और यातना के जोखिम के बावजूद लोगों ने मतदान केंद्रों पर निगरानी रखी और सुनिश्चित किया कि परिणामों से किसी तरह की छेड़छाड़ नाहो. हालांकि सरकार ने चुनाव परिणाम मानने से इनकार कर दिया और सत्ता नहीं छोड़ी. पिछले साल मचाडो को छिपकर जीवन बिताने पर मजबूर होना पड़ा, लेकिन गंभीर धमकियों के बावजूद उन्होंने देश नहीं छोड़ा.

नोबेल कमेटी ने अपने बयान में कहा, ‘वेनेज़ुएला, जो कभी अपेक्षाकृत लोकतांत्रिक और समृद्ध देश था, अब एक निर्दयी तानाशाही राज्य में बदल चुका है जो मानवीय और आर्थिक संकट से जूझ रहा है. आज अधिकांश वेनेज़ुएलावासी भयंकर गरीबी में जी रहे हैं जबकि कुछ लोग सत्ता के शीर्ष पर बैठकर देश की संपत्ति लूट रहे हैं. राज्य की हिंसक मशीनरी अब अपने ही नागरिकों पर दमन कर रही है. करीब 80 लाख लोग देश छोड़कर जा चुके हैं, और विपक्ष को चुनावी धांधली, कानूनी धमकियों और जेलों के ज़रिए दबाया गया है.’

ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर वाइट हाउस ने दी प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर उनके सहयोगी व वाइट हाउस के डॉयरेक्टर ऑफ कम्युनिकेशन स्टीवन चेउंग ने X पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, “ट्रंप शांति समझौते करते रहेंगे, युद्ध समाप्त करते रहेंगे और जान बचाते रहेंगे। नोबेल समिति ने साबित कर दिया है कि वह शांति से ज़्यादा राजनीति को महत्व देते हैं।”

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