Nupur Sharma : कट्टरपंथियों की धमकियों की वजह से पिछले करीब 4 वर्षों से गुमनामी में रह रहीं भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का दर्द छलक पड़ा है. दिल्ली में ‘सेवा भारती’ द्वारा आयोजित महिला सम्मेलन में उन्होंने कहा कि यदि वह आज जीवित हैं, तो इसका श्रेय केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जाता है. एक तरह से नूपुर ने इशारों-ही-इशारों में देश के हिंदुओं को एक बड़ा संदेश दिया है.
सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने अपनी उस पीड़ा और उन कठिनाइयों का जिक्र किया, जो वह पिछले 4 वर्षों से कट्टरपंथियों के कारण झेल रही हैं. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “शायद ही कोई अन्य महिला होगी जो मेरे जैसा कष्टकारी जीवन जी रही हो. मुझे अपनी स्वतंत्रता खोकर जीते हुए 4 साल बीत चुके हैं. अगर आज मैं जीवित हूँ, सांस ले रही हूँ और सुरक्षित हूँ, तो यह केवल इसलिए संभव है क्योंकि इस देश के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जैसा नेतृत्व है.”
शर्मा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा सुनिश्चित की गई सुरक्षा के बिना, न तो वह और न ही उनका परिवार आज जीवित होता. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अन्यथा, आपकी यह बहन और उसका परिवार आज जीवित नहीं होते.”
सेलेक्टिव क्लिप कटिंग की वजह से खतरे में पड़ी नुपूर शर्मा की जान!
मालूम हो कि ‘ऑल्ट न्यूज़’ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर सहित एक खास वर्ग के कैंपेन और कट्टरपंथियों की धमकियों के चलते 4 साल पहले नूपुर शर्मा को भाजपा से निलंबित कर दिया गया था. तब से वह एक प्रकार का नजरबंदी वाला जीवन व्यतीत कर रही हैं. इतना ही नहीं, शर्मा का समर्थन करने के कारण ही कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे जैसे निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी.
खुद को ‘फैक्ट-चेकर’ बताने वाले और प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘ऑल्ट न्यूज़’ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने उन घटनाओं की श्रृंखला शुरू करने में मुख्य भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित होना पड़ा. इसके बाद ही शर्मा के खिलाफ देशभर में दंगे भड़के और उनके समर्थकों को निशाना बनाया गया.
क्या है नूपुर शर्मा को लेकर पूरा मामला?
दरअसल, मई 2022 में ‘टाइम्स नाउ’ पर एक टीवी बहस के दौरान पैनलिस्ट तस्लीम अहमद रहमानी ने भगवान शिव के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी की थी. इसके जवाब में नूपुर शर्मा ने इस्लामिक धार्मिक ग्रंथों का हवाला दिया. आरोप है कि ज़ुबैर ने वीडियो से रहमानी की टिप्पणी हटाकर केवल नूपुर के एक वाक्य की क्लिपिंग साझा की और उसे इस तरह पेश किया जैसे उन्होंने जानबूझकर पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम का अपमान किया हो.
कट्टरपंथियों ने लगाए सर तन से जुदा के नारे!
इस कृत्य के बाद देशभर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया और कट्टरपंथियों के बीच उन्माद पैदा हो गया. कई जगहों पर खुलेआम “सर तन से जुदा” के हिंसक नारे लगाए गए और सिर कलम करने की धमकियां दी गईं. तब से नूपुर शर्मा कड़े सुरक्षा घेरे में रहने को विवश हैं, जबकि रहमानी आज भी स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं और टीवी बहसों में हिस्सा ले रहे हैं.
