जब इबादत का महीना बना धमाकों की गूंज—कौन जिम्मेदार?
टार्गेटेड स्ट्राइक या नागरिकों पर वार? सच क्या है सीमा पार?
Pakistan Strike Afghanistan: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रविवार रात पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के पाकिस्तान सीमा से सटे नंगरहार और पक्तिका प्रांत में ‘टार्गेटेड स्ट्राइक’ की। अफगान अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एक ही परिवार के कम से कम 17 सदस्य मारे गए। पाकिस्तान ने इसे आतंकियों के खिलाफ एक्शन बताया है, लेकिन अफगानिस्तान इसे नागरिकों पर हमला बता रहा है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में क्या हुआ?
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, जिससे कई लोग मारे गए और घायल हुए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेहसूद जिले में एक घर पर बम गिराया गया, जिसके बाद मलबे में दबे परिवार के कई सदस्य मृत पाए गए। अफगान ब्रॉडकास्टर TOLOnews के अनुसार, एक घर में मौजूद 23 लोग मलबे में दब गए थे, जिनमें से केवल कुछ को ही बाहर निकाला जा सका। राहत और बचाव अभियान देर रात तक चलता रहा। सोशल मीडिया पर भी दावे किए गए कि एक ही परिवार के 19 लोग उस वक्त घर में मौजूद थे और बहुत कम लोग ही जिंदा बचे।
पाकिस्तान का इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन का दावा
पाकिस्तान का इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन का दावा
पाकिस्तान ने इन एयरस्ट्राइक की पुष्टि की है। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि यह कार्रवाई ‘इंटेलिजेंस बेस्ड और सटीक’ थी, जिसमें सात आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। उनका दावा है कि यह हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर किए गए। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए आत्मघाती हमलों के जवाब में यह ऑपरेशन चलाया गया। इन हमलों में सुरक्षा बलों और नागरिकों की मौत हुई थी।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आरोप-प्रत्यारोप
इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकी समूहों द्वारा होने से रोकने में विफल रही है। पाकिस्तान का कहना है कि उसके पास हालिया हमलों के ठोस सबूत हैं, जिनके तार अफगानिस्तान में बैठे नेताओं से जुड़े हैं। हालांकि, काबुल इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है और कहता है कि वह किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के रिश्तों पर क्या होगा असर?
विदेशी मामलों के जानकारों का मानना है कि ये हमले पहले से तनावपूर्ण रिश्तों को और खराब कर सकते हैं। हाल के महीनों में सीमा पर झड़पें, बॉर्डर क्लोजर और कूटनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ी है। अगर हालात नहीं संभले तो दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक टकराव और गहरा सकता है, जिसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ेगा।
