“राज्यसभा में गरजे पीएम मोदी, विपक्ष पर सीधा प्रहार!”
“खुद को राजा कहने वालों पर पीएम का बड़ा तंज”
“दुनिया बूढ़ी हो रही है, भारत जवान हो रहा है।”
“वोटबैंक नहीं, विज़न से चलता है नया भारत।”
“ट्रेड डील से लेकर युवा शक्ति तक – संसद में बड़ा संदेश।”
“ग्लोबल साउथ की आवाज बना भारत – पीएम मोदी।”
PMModi : राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और टीएमसी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था, युवाओं की शक्ति, वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और हालिया ट्रेड डील्स का उल्लेख करते हुए सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। वहीं विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग खुद को “राजा” मानते हैं और फिर आर्थिक असमानता की बात करते हैं, जो लोकतंत्र की विडंबना है।
भाषण के दौरान सदन में कई बार हंगामा हुआ और विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी भी की, लेकिन प्रधानमंत्री ने बिना रुके अपना संबोधन जारी रखा। उन्होंने वॉकआउट करने वाले नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि “जो लोग थक गए, वो चले गए,” और यह भी जोड़ा कि देश गंभीर मुद्दों पर गंभीर चर्चा की उम्मीद करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि जब दुनिया के कई देश बूढ़ी आबादी की चुनौती का सामना कर रहे हैं, तब भारत युवा शक्ति के दम पर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अतीत की सरकारों के लाल किले से दिए गए भाषणों का विश्लेषण करें ताकि यह समझा जा सके कि पहले देश को किस दिशा में ले जाने की कोशिश हुई थी।
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की बड़ी ऊर्जा पिछली सरकारों की गलतियों को सुधारने में खर्च हो रही है। दुनिया में भारत की जो छवि बनी थी, उसे बदलने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ी है। उन्होंने “सुधारो, काम करो, बदलो” को अपनी सरकार का मंत्र बताते हुए कहा कि देश आज नीति और रणनीति के आधार पर आगे बढ़ रहा है और “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है।
कोविड के बाद बदलते वैश्विक समीकरणों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर उम्मीद और भरोसे से देख रही है। उन्होंने भारत को ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बताते हुए कहा कि भारत अब केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात समिट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि तब से ही भारत ने वैश्विक साझेदारियों की नींव रखी थी, जिसका असर आज दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पहले वोटबैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी गई और विज़न की कमी रही। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार देश को विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है और आज दुनिया भारतीय उद्यमियों और एमएसएमई सेक्टर पर भरोसा जता रही है।
हालिया अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील्स का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोपीय यूनियन से लेकर अमेरिका तक भारत के समझौतों की सराहना हो रही है और इससे युवाओं के लिए वैश्विक बाजार खुल रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व में अस्थिरता के बीच भारत स्थिरता और अवसर का प्रतीक बनकर उभरा है।
विपक्षी दलों, खासकर टीएमसी और आप पर तीखा हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ नेता आर्थिक असमानता की बात करते हैं जबकि खुद को विशेष दर्जा देने में गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने टीएमसी पर घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे देश के युवाओं और आदिवासियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने आप सरकार पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि शराब नीति जैसे मुद्दों पर सवाल उठते रहे हैं, फिर भी वे दूसरों को उपदेश देते हैं।
भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और लेफ्ट जैसे दल दशकों तक सत्ता में रहे, लेकिन उन्होंने नागरिकों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने के बजाय अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को आगे रखा। उन्होंने दावा किया कि आज भारत नई नीतियों और मजबूत नेतृत्व के साथ वैश्विक मंच पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
