QUAD : पहलगाम आतंकी हमले पर क्वाड देशों ने भारत के समर्थन में बड़ा बयान दिया है. भारत के साथ क्वाड में शामिल अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के पीछे के आतंकियों और उनको शह देने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए. बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे.
22 अप्रैल को आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी के मैदान में गोलीबारी की और 26 लोगों को मार डाला था, जिनमें से ज़्यादातर पर्यटक थे. इन आतंकवादियों के संबंध पाकिस्तान से पाए गए थे. वहीं पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. इसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.
क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक
दरअसल विदेश मंत्री एस जयशंकर मार्को रुबियो के निमंत्रण पर 30 जून से 2 जुलाई (आज) तक अमेरिका की यात्रा पर हैं. जयशंकर ने मंगलवार को क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के मौके पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की, इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय साझेदारी, क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर चर्चा की.
अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ से मुलाकात
जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया कि क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री से मिलकर खुशी हुई. जयशंकर ने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने व्यापार, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और गतिशीलता सहित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय साझेदारी पर चर्चा की. जयशंकर ने अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से भी मुलाकात की, जिसके दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की.
उन्होंने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा कि वाशिंगटन डीसी में मार्को रूबियो से मिलकर बहुत अच्छा लगा. भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने, हितों, क्षमताओं और जिम्मेदारियों पर एक उपयोगी बातचीत हुई.
यह एक इकोनॉमिक वॉरफेयर’
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमला कश्मीर में पर्यटन को बर्बाद करने के लिए किया गया था. यह एक इकोनॉमिक वॉरफेयर था. उन्होंने कहा कि भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह न्यूक्लियर ब्लैकमेल से नहीं डरने वाला है. पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद का भारत मुंहतोड़ जवाब देगा. जयशंकर ने सोमवार को कहा था कि भारत में पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान से प्रायोजित आतंकी हमले हुए हैं और 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में यह भावना है कि अब बहुत हो गया.
