Rashtriya pakshi divas :राष्ट्रीय पक्षी दिवस

Bindash Bol

डॉ प्रशान्त करण
आईपीएस (रांची)
Rashtriya pakshi divas : एक बार आम चुनाव और लगे ही विधानसभा चुनाव के अति कोलाहल से
विच्छुब्ध होकर देहाती , शहरी और पास के जगलों के पक्षी बहुत उद्वेलित हो उठे . वे आपस में चर्चा करते कि मनुष्यों ने हमलोगों पर अपने अत्याचार बढ़ा दिए हैं . जंगल कट रहे हैं . जल श्रोत समाप्त हो रहे हैं . कंक्रीट के वन बनते जा रहे हैं .हमारे अस्तित्व पर भयंकर खतरा मंडराने लगा है .फिर पक्षीराज गरुड़ की खोज में पंछियों का दल विभिन्न दिशाओं में महीनों भटके . वे निराश होकर लौट आए , लेकिन पक्षीराज मिले ही नहीं . इस विषम परिस्थिति में जनमत से पक्षियों की एक आपात सभा आहूत की गयी . अब प्रश्न उठा कि सभा की अध्यक्षता कौन करे , अगला राजा और उनके मंत्री कौन हों ? क्यों न हम सब चुनाव कराएं . सरकार बनते ही हमलोग अपनी समस्या रखें और राजा का कर्तव्य होगा कि वे अपने मंत्रियों से साथ हमारी समस्याओं का नराकरण करें .तभी गिद्ध ने अपने पँख फड़फड़ाते हुए गंभीर स्वर में कहा – हम सब जानते हैं कि हमारे पक्षीराज गरुड़ इस कलियुग में अब विलुप्त हो गए हैं . विष्णु जी के वाहन के काम में लगे हैं . अब वे अपना भला तो क्या हम दूसरों के भले के बारे में सोचते तक नहीं , उन्हें समय ही नहीं मिलता . जैसा कि हमने देखा है कि मनुष्यों में परिवार द्वारा सत्ता पर बने रहना चलन में है . मैं गरुड़ परिवार का हूँ . बड़ा तगड़ा , बाहुबली और बलशाली हूँ . दूर की देखता हूँ . दूर से ही शिकार पहचान लेता हूँ और उस पर टूट पड़ता हूँ .ऊँचा उड़ता हूँ . पकड़ में नहीं आता . जीवित तो जीवित , मृतकों के शव तक खा जाता हूँ . इसलिए नेता के सभी गुण हममें हैं . नेतृत्व तो मैं ही करूँगा . देखता हूँ कौन मेरा विरोध करता है . सभा सन्न हो गयी . सभी पक्षी थरथर काँपने लगे . तभी गिद्ध के कहा -मेरे ही परिवार की चील बहन विदेश मंत्रालय देखेंगी , बाझ भाई सुरक्षा विभाग में मेरे मंत्रिमंडल में रहेंगे . जन सम्पर्क का काम मेरी प्रजाति के कौवे करेंगे . यह सुन पपीहा , कोयल , गौरैया , कबूतर , तोता , मैना , काग , पंडुक , बुलबुल , फूलसुंघनी से लेकर मोर आदि तक दुबक गए . और हाँ , अपने पूर्वज गरुड़ जी से पैरवी कर अगले जन्म में अपने कर्मों के प्रताप से हम सब पक्षी मनुष्य बनेंगे . मैं और मेरा पूरा मंत्रिमंडल प्रदेश शासन संभालेंगे . इस जन्म की हमारी आदतें और अनुभव हमें सफल करेंगी .
तभी मेरा स्वप्न टूट गया . सुबह ही डॉ प्रभाकर ने बताया कि आज राष्ट्रीय पक्षी दिवस है .

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