Ratha Yatra : रथ यात्रा

Bindash Bol

डॉ प्रशान्त करण
(आईपीएस) रांची

Ratha Yatra : भैया जी घर से बाहर निकले तो अपनी गाडी देखकर चौंक उठे . उनकी महंगी एसयूवी गाडी को रथ की भांति सजाया गया था . भैया जी को अपने क्षेत्र के एक कार्यक्रम में जाना था . उस में भैया जी के पीए के निर्देश पर भैया जी की पसंद की बारबाला को नृत्य के लिए बुलाया गया था . भैया जी को अचम्भित देख पीए बोलै – भैया जी , चुनाव जीते चार साल हो गए .आप चुनाव जीतने के बाद पहली बार तो क्षेत्र में जा रहे हैं . छः माह बाद चुनाव की भागमभाग होगी . लोग आपका रुतवा भी तो देखें . वहाँ पिछले चुनाव में पुल बनवाने का संकल्प जनता के बीच लिया था . भैया जी बोले – का करें बड़का बेटवा ठिका लिया और कागजे पर पुल बना दिया . भंडा तो चुनाव प्रचार में फूटेगा . पीए बोले – सर , इसीलिए इस बात को छिपाकर दिखाने के लिए शिलान्यास कर दीजिए . भैया जी के काफिले में इक्कीस गाडी , इक्कीस राइफलधारी , सरकारी पाँच सुरक्षाकर्मी भी निकले . रास्ते भर और वहाँ पँहुचकर खूब गोलियाँ हवा में चलाई गयी . भैया जी की यह रथ यात्रा प्रसिद्द हुई .
एक बड़े अधिकारी को कार्य दिवस के दोपहर ही पत्नी का फोन आया – सुनो , आज मित्तल जी के फार्म हॉउस में पार्टी है . परम्परागत रूप से चलो ताकि मैं अपना प्रभाव जमा सकता हूँ . अधिकारी सोच में पड़ गया . उसने अपने कनीय अधिकारी को बुलाया और कहा – विभाग की कार्य प्रणाली सुधारने के लिए एक आपात गोपनीय बैठक मित्तल जी के फार्म हॉउस के बाहरी लॉन में शाम को होगी . मित्तल जी के मुंशी से बात कर व्यवस्था करा लो .सभी अधिकारी मेरे बँगले से साथ चलेंगे. पूरे विभाग में कानाफूसी शुरू हो गयी . लिपिक वर्ग ने सोचा कि जरूर किसी घोटाले की योजना बनेगी या फिर किसी घोटाले को मैनेज करने पर चिंतन होगा . निश्चित समय पर अधिकारी दम्पत्ति पूरे लाव- लश्कर से फार्म हाउस पँहुचा . दम्पत्ति सीधे पार्टी में चले गए . सारे मातहत अधिकारी बैठक की प्रतीक्षा में लॉन की कुर्सियों पर बैठ अधिकारी के आने की प्रतीक्षा करने लगे . पार्टी समाप्ति के बाद अधिकारी दम्पत्ती का काफिला अपने बँगले देर रात लौट गया . अधिकारियों को चलते समय सूचना दे दी गयी कि बैठक साहब के आवास पर अब होगी . पूरा काफिला बँगले तक गया . फिर सूचना मिली कि बैठक स्थगित . बड़े अधिकारी की रथयात्रा सम्पन्न हुई .
मित्तल साहब को कर माफ़ कराने के लिए मंत्री जी के पास जाना था . मुलाक़ात का समय और स्थान तय हुआ . मित्तल साहब निजी सुक्षाकर्मियों और पूरे इक्कीस गाड़ियों के क्रम में मंत्री जी के आवास पँहुचे . मंत्री जी के पीए ने मंत्री जी को यह सब देखकर कान में कहा – मोटी पार्टी है , मोटा माल अवश्य मिलेगा . मंत्री जी को मित्तल साहब ने बताया कि अमुक राज्य की राजधानी में आपके लिए फार्म हाउस बनवा देंगे . मंत्री जी ने कर माफ़ कर दिया . मित्तल साहब का कारवाँ लौट आया . मंत्री जी के फार्म हाउस के लिए भूमि का चयन कब होगा , किसी को पता नहीं ,परन्तु मित्तल जी की रथ यात्रा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई .
टीवी पर समाचार आने लगा है कि अत्यधिक भीड़ के कारण रात्रि में प्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा बीच में रुक गयी है . लोग प्रयास रत हैं .

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