Sawan : श्रावण मास में महादेव की पूजा कैसे करें? शिव को प्रसन्न कैसे करें?

Sanat Kumar Dwivedi

Sawan : शिव का महीना सावन चल रहा है। सावन के इस पवित्र महीने में भगवान महादेव की पूजा अर्चना विशेष रूप से की जाती है। समुद्र मंथन के दरमियान निकले विष का पान भगवान शिव ने किया था।
उस विष के प्रभाव को शांत करने के लिए देवताओं और ऋषियों ने श्रावण मास में उन्हें गंगाजल अर्पित किया। तभी से यह परंपरा शुरू हुई कि श्रावण में भक्त शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध, दही, शहद और गंगाजल चढ़ाकर भोलेनाथ की पूजा करते हैं।

सावन के महीने में शिव को प्रसन्न कैसे करें?

सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए, भक्त शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल चढ़ाते हैं। इसके साथ ही, शिव चालीसा का पाठ करना, आरती करना, और सोमवार का व्रत रखना भी शुभ माना जाता है। रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों का जाप भी भगवान शिव की कृपा पाने के लिए उत्तम उपाय हैं।
सावन में भगवान शिव को प्रसन्न करने के कुछ विशेष उपाय…

जलाभिषेक

सावन में हर दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए, खासकर गंगाजल या साफ पानी से।

बेलपत्र

भगवान शिव को बेलपत्र बहुत प्रिय है, इसलिए इसे शिवलिंग पर अर्पित करें।

दूध

दूध चढ़ाने से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

धतूरा

धतूरा भगवान शिव को अर्पित करने से शत्रु बाधाएं दूर होती हैं।
शिव चालीसा और आरती:
पूजा के अंत में शिव चालीसा का पाठ करें और आरती करें।

सोमवार व्रत

सावन के सोमवार का व्रत रखने से विशेष फल मिलता है।

रुद्राभिषेक

शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।

शिव मंत्रों का जाप

ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना फलदायी होता है।

सावन में शिव पूजा की विधि…

  1. स्नान

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  1. संकल्प

पूजा शुरू करने से पहले संकल्प लें कि आप भगवान शिव की कृपा पाने के लिए यह पूजा कर रहे हैं।

  1. पूजन सामग्री

शिवलिंग, जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, फल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य आदि पूजन सामग्री एकत्रित करें।

  1. जलाभिषेक

शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, फिर दूध, दही, घी, शहद, इत्र आदि से अभिषेक करें।

  1. बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाएं

बेलपत्र, धतूरा, फल, फूल, आदि भगवान शिव को अर्पित करें।

  1. धूप, दीप, नैवेद्य

धूप, दीप, और नैवेद्य अर्पित करें।

  1. मंत्र जाप

ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।

  1. चालीसा और आरती

शिव चालीसा का पाठ करें और शिव आरती करें।

  1. प्रसाद वितरण

पूजा के बाद प्रसाद वितरण करें।

सावन में भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।रोग, दोष, और कष्ट दूर होते हैं। सुख, शांति, और समृद्धि आती है।शत्रु बाधाएं दूर होती हैं।
जीवन में सफलता मिलती है।
मोक्ष की प्राप्ति होती है।
सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा, व्रत, और मंत्र जाप से विशेष फल मिलता है, इसलिए इस महीने में भगवान शिव की पूजा अवश्य करनी चाहिए।

शिव मंदिर में तीन बार ताली क्यों बजाते हैं

शिवजी के सामने पहली बार ताली बजाकर भक्त अपनी उपस्थिति जताते हैं. दूसरी ताली में यह भाव होता है कि, हमारा घर का भंडार सदा भरा रहे. वहीं तीसरी ताली के भाव में भक्त शिवजी से क्षमा प्रार्थना करते हुए यह प्रार्थना करता है कि, वह उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।

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