पाकिस्तान बाहर तो कौन अंदर? ICC विवाद, सरकारी दखल और यूगांडा एंगल की पूरी कहानी
“एक फैसला… और बदल सकता है T20 वर्ल्ड कप 2026 का पूरा समीकरण!”
“बांग्लादेश बाहर, पाकिस्तान असमंजस में — अब ICC के सामने नई चुनौती”
“क्या नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत बनाम यूगांडा का मैच इतिहास रचेगा?”
T20 World Cup 2026: आईसीसी T20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के बीच क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि कूटनीति, राजनीति और शक्ति संतुलन का अखाड़ा बन चुका है। बांग्लादेश के आधिकारिक रूप से टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद अब पाकिस्तान के बहिष्कार की आशंका ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पाकिस्तान खेलेगा या नहीं, बल्कि यह भी है कि अगर वह बाहर हुआ तो उसकी जगह कौन लेगा — और क्यों?
बांग्लादेश बाहर, ICC का सख्त रुख
ICC ने हाल ही में बांग्लादेश को T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया। वजहें आधिकारिक तौर पर पूरी तरह सार्वजनिक नहीं की गईं, लेकिन संकेत साफ हैं—
प्रशासनिक और आयोजन संबंधी मुद्दे, ICC नियमों के पालन में कथित चूक, समयसीमा और कमिटमेंट से जुड़ी समस्याओं को लेकर
ICC ने बिना देरी किए बांग्लादेश के रिप्लेसमेंट पर भी मुहर लगा दी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि विश्व संस्था अब किसी भी देश को “स्पेशल ट्रीटमेंट” देने के मूड में नहीं है।
पाकिस्तान क्यों खड़ा हुआ बांग्लादेश के समर्थन में?
बांग्लादेश के बाहर होने पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया पाकिस्तान की ओर से आई। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ICC पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने साफ कहा कि “अगर बांग्लादेश के साथ अन्याय हुआ है, तो पाकिस्तान इसे चुपचाप स्वीकार नहीं करेगा। हर टीम के लिए नियम समान होने चाहिए।”
पाकिस्तान ने यहां तक कह दिया कि अगर बांग्लादेश को बाहर किया गया है, तो वह खुद भी T20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने के फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है।
सरकार के हाथ में फैसला, पीएम की वापसी का इंतजार
फिलहाल पाकिस्तान के T20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने या न खेलने का अंतिम फैसला पाकिस्तान सरकार के हाथ में है।
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ इस समय विदेश दौरे पर हैं।
उनके देश लौटने के बाद ही इस पर अंतिम मुहर लगेगी।
मोहसिन नकवी ने स्पष्ट कहा:
“अगर सरकार हमें टूर्नामेंट का बहिष्कार करने को कहेगी, तो हम करेंगे।”
यानी क्रिकेट से ज्यादा यह अब राजनीतिक निर्णय बन चुका है।
अगर पाकिस्तान बाहर हुआ तो क्या करेगा ICC?
ICC के नियमों के मुताबिक, किसी टीम के हटने पर उसकी जगह अगली सबसे बेहतर रैंक वाली टीम को मौका दिया जाता है। टूर्नामेंट में टीमों की संख्या संतुलित रखी जाती है। ऐसे में ICC के पास दो विकल्प होंगे….
पाकिस्तान की जगह रिप्लेसमेंट टीम शामिल करना और
टूर्नामेंट फॉर्मेट में बदलाव (कम संभावित)
पाकिस्तान नहीं तो कौन? — यूगांडा क्यों सबसे आगे
क्रिकेट गलियारों में सबसे मजबूत नाम उभरकर सामने आया है — यूगांडा
क्यों यूगांडा?
ICC रैंकिंग में अगली योग्य टीम
हाल के वर्षों में एसोसिएट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
ICC की “ग्लोबल एक्सपेंशन पॉलिसी” के अनुरूप
पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज़ राशिद लतीफ ने भी इस पर मुहर लगाई है।
राशिद लतीफ का बड़ा बयान
राशिद लतीफ ने सोशल मीडिया पर लिखा….
“अगर पाकिस्तान T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होता है, तो उसकी जगह यूगांडा को मौका मिल सकता है। यह ICC के नियमों के अनुसार होगा।”
उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में लेकिन गंभीर संकेत देते हुए कहा कि:
“1,32,000 दर्शकों की क्षमता वाले अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत बनाम यूगांडा का मुकाबला भी देखने को मिल सकता है।”
भारत बनाम यूगांडा? — रोमांच या जोखिम?
अगर यूगांडा को मौका मिलता है तो यह ICC के लिए मार्केटिंग और ग्लोबलाइजेशन का बड़ा मौका होगा। एसोसिएट क्रिकेट को नई पहचान मिलेगी।
भारत जैसे दिग्गज के सामने खेलना यूगांडा के लिए ऐतिहासिक पल होगा।
हालांकि आलोचकों का मानना है कि इससे मुकाबलों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ सकता है। बड़े टिकट मैचों की चमक कम हो सकती है।
पाकिस्तान की तैयारियां जारी, दोहरी रणनीति
एक ओर पाकिस्तान बहिष्कार की बात कर रहा है, दूसरी ओर
टीम सिलेक्शन की प्रक्रिया जारी है। संभावित स्क्वॉड पर मंथन हो रहा है। खिलाड़ियों का फिटनेस कैंप और डेटा एनालिसिस चल रहा है। यानि पाकिस्तान दोनों नावों पर पैर रखकर चल रहा है—
खेला तो पूरी तैयारी
नहीं खेला तो राजनीतिक स्टैंड।
ICC के लिए यह सिर्फ क्रिकेट नहीं
- यह मामला अब ICC के लिए
- उसकी निष्पक्षता की परीक्षा
- छोटे देशों को आगे लाने की नीति का टेस्ट
- बड़े क्रिकेट बोर्ड्स के दबाव से निपटने की चुनौती
- बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे फुल मेंबर देशों के फैसले भविष्य की क्रिकेट राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले क्रिकेट एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां खेल, राजनीति और वैश्विक रणनीति आपस में टकरा रही हैं। पाकिस्तान का फैसला सिर्फ उसकी भागीदारी तय नहीं करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि आने वाले वर्षों में ICC कितनी स्वतंत्र और निष्पक्ष रह पाएगी।
अगर पाकिस्तान बाहर होता है और यूगांडा को मौका मिलता है, तो यह क्रिकेट इतिहास का एक नया अध्याय होगा—जहां छोटे देश बड़े सपनों के साथ विश्व मंच पर उतरेंगे।
