UNGA : भारत ही है वह शक्ति, जो समूचे विश्व को एक परिवार बना सकती है : जॉर्जिया मेलोनी

Bindash Bol

UNGA : कल रात इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत की वैश्विक भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत दुनियाभर में शांति और संघर्ष समाधान में नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकता है। मेलोनी के ये शब्द न केवल भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण हैं, बल्कि भारत के परंपरागत “वसुधैव कुटुंबकम्” संदेश को भी आधुनिक मंच पर स्थापित करते हैं।

मेलोनी ने अपने वक्तव्य में भारत की ‘डिप्लोमैटिक ताकत’ पर विश्वास जताया, विशेषकर रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान के प्रयासों में। भारत की नीति सदैव संवाद, कूटनीति और मध्यस्थता की रही है, जो आज के अनिश्चित वैश्विक माहौल में सबसे अधिक प्रासंगिक है। भारत ने हमेशा ‘नो स्ट्रिंग्स अटैच्ड’ तरीके से शांति और समझौते का समर्थन किया है, जिसमें किसी पक्ष का समर्थन करने के बजाय संयम और न्याय को प्राथमिकता दी जाती है।

यह बयान स्पष्ट करता है कि भारत अब सिर्फ एशिया का नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व का ‘विश्वसनीय मध्यस्थ’ बन गया है। वैश्विक मंचों पर भारत की साख, उसके खुले, संतुलित और शांतिपूर्ण दृष्टिकोण के कारण निरंतर बढ़ रही है। जब अमेरिका और यूरोप गहरे विभाजन में उलझे हैं, तब भारत ने शांतिपूर्ण वार्ता के लिए हमेशा पहल की है—चाहे बात यूक्रेन युद्ध की हो या मध्य-पूर्व के तनाव की। इसी कारण दुनिया भारत से नेतृत्व की उम्मीदों के साथ देख रही है।

मेलोनी का वक्तव्य किसी साधारण औपचारिकता से कहीं अधिक है; यह आज की नई वैश्विक व्यवस्था में भारत की केंद्रीय भूमिका की स्वीकार्यता है। ऐसे समय में जब विश्व अस्थिरता, युद्ध और असमानता का सामना कर रहा है, भारत का संतुलित दृष्टिकोण, लोकतांत्रिक मूल्य और सहिष्णु संस्कृति एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। मेलोनी के शब्दों में भारत का ‘विश्वशांति संवाहक’ के रूप में उल्लेख हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

जॉर्जिया मेलोनी का दृष्टिकोण दिखाता है कि समय आ गया है—जहां भारत सिर्फ अपनी भलाई के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के कल्याण के लिए आगे बढ़कर विश्व को दिशा देने के लिए तैयार है। आज भारत केवल एक शक्ति केंद्र नहीं, बल्कि विश्वास, न्याय और शांति का विश्व-नायक बनता जा रहा है।

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