Vice President Election: कैसे होगी वोटिंग, कब आएंगे नतीजे; इस एक गलती पर भी रद्द हो सकता है वोट

Bindash Bol
  • अब तक कौन रहें उपराष्ट्रपति, किनके पास सबसे अधिक समय रहा यह पद?

Vice President Election: उपराष्ट्रपति पद के लिए आज मंगलवार को चुनाव है. मुकाबला NDA उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी बी सुदर्शन रेड्डी के बीच है. सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. वोटों की गिनती शाम को 6 बजे से होगी और देर शाम तक रिजल्ट आने की उम्मीद है. इसके साथ ही पता चल जाएगा कि भारत के अगले उपराष्ट्रपति कौन होंगे.

वोटिंग कैसे होगी, रिजल्ट कब आएगा?

इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में दो उम्मीदवार हैं. वोटिंग के लिए राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है. मतदान संसद भवन के कमरा नंबर एफ-101, वसुधा में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा. वोटिंग खत्‍म होने के एक घंटे बाद शाम 6 बजे वोटों की गिनती शुरू होगी और रिजल्‍ट घोषित किया जाएगा.

कौन-कौन वोट डाल सकता है?

उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में संसद के दोनों सदनों- राज्‍यसभा और लोकसभा के सदस्य वोट डालते हैं. राज्यसभा के नामित सदस्य भी मतदान के पात्र होते हैं. 17वें उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (अभी 5 सीटें खाली), राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (अभी एक सीट खाली) शामिल हैं. निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य (वर्तमान में 781) हैं.

उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग होती कैसे है?

उपराष्ट्रपति चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व तरीके से होता है. मतदान गुप्त तरीके से सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम के जरिए होता है. मतपत्र सफेद रंग के होते हैं, जिसमें दो कॉलम रहते हैं. एक कॉलम में हिंदी और इंग्लिश में उम्मीदवारों के नाम और दूसरे कॉलम में वोट देने के लिए जगह खाली रहती है. खाली जगह पर वोटरों को अपनी प्राथमिकता 1,2… के रूप में दर्ज करनी होती है. ये हिंदी या अंग्रेजी में हो सकते हैं.

डाक से या अन्य तरीके से वोट डाल सकते हैं?

उपराष्ट्रपति चुनाव में इसकी अनुमति नहीं होती. निर्वाचक मंडल के सदस्यों को खुद हाजिर होकर गुप्त वोट डालना होता है. वोट डालते समय किसी की सहायता नहीं ले सकते. अगर कोई सांसद प्रिवेंटिव डिटेंशन में हों, तभी डाक से अपना वोट डाल सकते हैं. मौजूदा चुनाव में शेख अब्दुल रशीद (बारामूला) और अमृतपाल सिंह (खडूर साहिब) पोस्टल बैलट के लिए पात्र हैं क्योंकि ये दोनों जेल में हैं.

क्या दल-बदल कानून लागू होता है?

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव किसी पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ा जाता. इस कारण कोई भी पार्टी व्हिप जारी नहीं करती है. इसकी वजह से सदस्य अपने मन मुताबिक किसी को भी वोट दे सकते हैं. ऐसे में दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधान इसमें लागू नहीं होते.

मतपत्र किन आधार पर खारिज हो सकते हैं?

  • उम्मीदवार के आगे वरीयता (1) नहीं लिखी हो
  • एक से ज्यादा उम्मीदवारों के आगे प्रायोरिटी 1 लिखी हो.
  • वरीयता संदिग्ध तरीके से लिखी हो. ये पता न चले कि किस कैंडिडेट के लिए है.
  • एक ही कैंडिडेट के आगे अंक 1 या कुछ अन्य नंबर लिख दिए हों
  • ऐसा कोई चिह्न बनाया हो, जिससे किसने डाला, ये पता चलता हो
  • वरीयता 1,2… नंबरों के बजाय एक, दो.. या प्रथम, द्वितीय जैसे हिंदी अंग्रेजी में लिखी हो.
  • डाक मतपत्र पर अगर सदस्य के दस्तखत और उसके साथ सर्टिफिकेट न लगा हो. सर्टिफिकेट पर जेल या कस्टडी वाली जगह के प्रभारी के दस्तखत न हों.

क्या इस चुनाव में भी जमानत जब्त हो जाती है?

हां, उपराष्ट्रपति चुनाव में भी जमानत जब्त होने का प्रावधान है. अगर किसी उम्मीदवार को वैलिड वोटों के छठे हिस्से से भी कम वोट मिलते हैं तो उसकी 15 हजार रुपये की प्रतिभूति राशि को जब्त कर लिया जाता है. अन्य मामलों में जमानत राशि वापस मिल जाती है.

क्या उपराष्ट्रपति चुनाव को चुनौती दी जा सकती है?

हां. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाया जा सकता है. याचिका किसी उम्मीदवार या फिर निर्वाचक मंडल के 10 व उससे ज्यादा सदस्यों द्वारा दी जा सकती है. नतीजों को चुनौती सिर्फ 30 दिन के अंदर ही दी जा सकती है.

उपराष्ट्रपति का चुनाव कौन लड़ सकता है?

  • भारत का नागरिक होना चाहिए.
  • उम्र 35 साल से अधिक होनी चाहिए.
  • संसदीय चुनाव में वोट डालने के लिए वोटर लिस्ट में नाम दर्ज हो.
  • राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए पात्र हो.
  • केंद्र, राज्य या किसी भी सरकार के तहत, किसी भी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के अधीन किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए.
  • राज्यों के राज्यपाल, केंद्र या राज्यों के मंत्री इसके लिए लाभ के पद नहीं माने जाते हैं.
  • पर्चा भरने के लिए 20 निर्वाचकों, 20 अनुमोदकों के दस्तखत वाला पत्र रिटर्निंग अधिकारी को देना होता है. 15 हजार रुपये की जमानत राशि भी जमा करानी होती है.

उपराष्ट्रपति को कितनी सैलरी मिलती है?

उपराष्ट्रपति को सीधे तौर पर कोई नियमित वेतन नहीं मिलता. हालांकि संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा के पदेन सभापति की भूमिका के लिए उन्हें वेतन प्राप्त होता है. 2018 में हुए संशोधन के बाद, उपराष्ट्रपति को महीने में 4 लाख रुपये वेतन मिलता है. इसके अलावा अन्य कई सुविधाएं भी मिलती हैं.

उपराष्ट्रपति को सुविधाएं क्या-क्या मिलती हैं?

उपराष्ट्रपति को एक बड़ा और सुंदर मुफ्त आवास मिलता है. दैनिक भत्ता, ट्रैवल अलाउंस, रेल व हवाई यात्रा, लैंडलाइन फोन, मोबाइल फोन समेत कई सुविधाएं दी जाती हैं. उपराष्ट्रपति और उनके परिवार को मुफ्त मेडिकल सुविधाएं मिलती हैं. 24 घंटे हाई सिक्योरिटी के लिए बड़ा स्टाफ मिलता है. प्राइवेट सेक्रेटरी और अन्य कर्मचारी भी दिए जाते हैं. रिटायरमेंट के बाद, वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता है.

रिटायरमेंट पर क्या सुविधाएं दी जाती हैं?

पूर्व उपराष्ट्रपति को लगभग दो लाख रुपये प्रति माह पेंशन मिलती है. इसके अलावा टाइप-8 बंगला, एक प्राइवेट सेक्रेटरी, एक अतिरिक्त निजी सचिव, एक निजी सहायक भी दिया जाता है. इसके अलावा एक डॉक्टर, एक नर्सिंग अधिकारी और चार निजी नर्स/अटेंडेट भी मिलते हैं. पूर्व उपराष्ट्रपति के निधन पर जीवनसाथी को आजीवन टाइप-7 आवास का अधिकार होता है.

अब तक कौन रहें उपराष्ट्रपति

अब तक 14 लोगों को उपराष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा करने का मौका मिला है। सबसे अधिक लंबे कार्यकाल की बात करें तो इसमें दो नाम आते हैं। पहला डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और दूसरा मोहम्मद हामिद अंसारी। दोनों 10 साल तक इस पद पर रहे हैं।

भारत के उपराष्ट्रपति की लिस्ट

1- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन – 13 मई, 1952 से 12 मई, 1962
2- डॉ. जाकिर हुसैन- 13 मई, 1962 से 12 मई, 1967

3- वी.वी. गिरि – 13 मई, 1967 से 3 मई, 1969

4- गोपाल स्वरूप पाठक- 31 अगस्त, 1969 से 30 अगस्त, 1974

5- बी.डी. जत्ती – 31 अगस्त, 1974 से 30 अगस्त, 1979

6- एम. ​​हिदायतुल्लाह – 31 अगस्त, 1979 से 30 अगस्त, 1984

7- आर. वेंकटरमन – 31 अगस्त, 1984 से 24 जुलाई, 1987

8- डॉ. शंकर दयाल शर्मा – 3 सितंबर, 1987 से 24 जुलाई, 1992

9- के.आर. नारायणन – 21 अगस्त, 1992 से 24 जुलाई, 1997

10- कृष्णकांत – 21 अगस्त, 1997 से 27 जुलाई, 2002

11- भैरों सिंह शेखावत, 19 अगस्त 2002 से 21 जुलाई 2007

12- एम. ​​हामिद अंसारी- 11 अगस्त 2007 से 10 अगस्त 2017

13- एम. ​​वेंकैया नायडू, 11 अगस्त, 2017 से 10 अगस्त, 2022

14- जगदीप धनखड़- 11 अगस्त 2022 से 21 जुलाई 2025

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