Vote Chori : पवन खेड़ा के पास दो वोटर ID…

Bindash Bol

Vote Chori : SIR के मुद्दे पर बीजेपी और चुनाव आयोग को लगातार घेर रही कांग्रेस पार्टी अब इस मुद्दे पर खुद घिर सकती है। दरअसल, बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने दो अलग-अलग वोटर आईडी लिस्ट जारी कर कांग्रेस के सीनियर नेता पवन खेड़ा पर 2 वोटर आईडी रखने का आरोप लगाया है।

अमित मालवीय ने कहा है कि एक तरफ राहुल गांधी ने जोर-जोर से ‘वोट चोरी’ का नारा लगा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा जो गांधी परिवार से अपनी नजदीकी दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते, उनके पास दो सक्रिय EPIC नंबर हैं। इनमें से एक EPIC नंबर जंगपुरा तो दूसरा नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र का है, जो क्रमशः पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली लोकसभा सीटों के अंतर्गत आते हैं।

गुमराह पैदा करने का लगाया आरोप

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर दोनों इपिक नंबर जारी करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को यह जांच करनी है कि पवन खेड़ा के पास 2 सक्रिय इपिक नंबर कैसे हैं, और क्या उन्होंने कई बार मतदान किया। अगर ऐसा है तो यह चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। कई बार मतदान करना आपराधिक कृत्य है, पवन खेड़ा बिहार में मतदाताओं को गुमराह करने, मतभेद पैदा करने और भारत की मजबूत चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए दुर्भावनापूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं।

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी उठाए सवाल

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “पिछले कुछ दिनों से देश देख रहा है कि राहुल गांधी देश के कोने-कोने में जाकर आम नागरिकों को झूठा और चोर बताते हैं… राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा के पास दो ईपीआईसी नंबर (मतदाता पहचान पत्र) हैं… राहुल गांधी के करीबी सहयोगी वोट की हेराफेरी में शामिल हैं. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 62, उपधारा 2 के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक से अधिक विधानसभा क्षेत्र में वोट नहीं डाल सकता… अब मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं, क्या वे मानेंगे कि असली ‘चोर’ पवन खेड़ा हैं?”

आरोपों पर पवन खेड़ा का आया जवाब

अमित मालवीय के आरोपों पर पवन खेड़ा ने पलटवार किया है। पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिल्कुल यही कह रही है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर हम यही सवाल उठा रहे हैं। यह सूची भाजपा नेताओं के साथ-साथ चुनाव आयोग के पास भी उपलब्ध है। कांग्रेस बार-बार सूची मांगती है, लेकिन उसे कभी नहीं मिलती। मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि मेरे नाम पर नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से किसे वोट डालने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मुझे सीसीटीवी फुटेज चाहिए। मैं 2016 में वहां से चला गया था। मैंने वहां से अपना नाम हटवाने की प्रक्रिया अपनाई। लेकिन मेरा नाम अभी भी वहां क्यों है?
यही तो राहुल गांधी 7 अगस्त से लगातार चुनौती दे रहे हैं… हर विधानसभा क्षेत्र में ऐसी सैकड़ों-हजारों नाम हैं, जिनका दुरुपयोग हो रहा है… एसआईआर (SIR) के तहत वे ऐसी गलतियों को वैध बना रहे हैं. इसलिए हम एसआईआर का विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह अभी हो रहा है…”

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