West Bengal Election : चुनाव आयोग सख्त! TMC को चेतावनी, निष्पक्ष मतदान का ऐलान

Bindash Bol

* न डर, न हिंसा, न बूथ कैप्चर — आयोग का साफ संदेश!

West Bengal Election : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC), भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी बीच चुनाव आयोग ने स्थिति को देखते हुए सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश जारी किया है।

चुनाव आयोग का स्पष्ट और कड़ा संदेश

चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पोस्ट करते हुए सीधे तृणमूल कांग्रेस का नाम लिया। आयोग ने साफ शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भयरहित, हिंसारहित, धमकी रहित, प्रलोभन मुक्त, छापा रहित तथा बूथ या सोर्स जामिंग से मुक्त तरीके से ही कराए जाएंगे। इस बयान को राज्य की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

क्यों लिया गया TMC का नाम?

पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा और राजनीतिक टकराव के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। भाजपा, वाम दल और कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां अक्सर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर बूथ कैप्चरिंग, मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाती रही हैं।
संभवत: इन्हीं आरोपों और पिछले चुनावी अनुभवों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने विशेष रूप से TMC का उल्लेख करते हुए चेतावनी जारी की। हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके निर्देश सभी राजनीतिक दलों पर समान रूप से लागू होंगे।

अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैयारी

चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर की गई है। पश्चिम बंगाल में लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियां, यानी करीब 2.40 लाख जवान, चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं। इसे राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती माना जा रहा है।

महिला सुरक्षा बलों की रिकॉर्ड भागीदारी

विशेष बात यह है कि इस चुनाव में महिला सुरक्षा कर्मियों की भी बड़ी भूमिका रहेगी। करीब 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान, यानी लगभग 200 कंपनियां, मतदान केंद्रों और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, ताकि महिला मतदाताओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।
दो चरणों में होगा मतदान
पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे।

* पहला चरण: 23 अप्रैल — 152 सीटें

* दूसरा चरण: 29 अप्रैल — 142 सीटें


जबकि मतगणना और चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

सियासी संदेश साफ

चुनाव आयोग की सख्ती ने यह संकेत दे दिया है कि इस बार बंगाल चुनाव पर राष्ट्रीय स्तर की नजर रहेगी और किसी भी प्रकार की हिंसा या धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि राजनीतिक दल इस चेतावनी के बाद किस रणनीति के साथ मैदान में उतरते हैं।

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