Kartika Purnima : निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड भोजपुरी विकास केंन्द्र द्वारा कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर “धन हो गंगा मइया कि शहर बसवलु किनार पर” कार्यक्रम में गंगा माँ एवं कार्तिक पूर्णिमा स्नान के महात्म्य पर आधारित भोजपुरी गीत और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्था के सचिव बिनोद सिंह गहरवार द्वारा इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ० महामाया प्रसाद ‘विनोद’ एवं कार्यक्रम में भाग लेने वालों का स्वागत किया गया। पूनम वर्मा के संयोजन एवं कुशल मंच संचालन में कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पा पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना और अर्पणा सिंह द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। दो घण्टे तक एक से बढ़कर एक गीतों की रसधार प्रवाहित होती रही। पुष्पा पांडेय, संगीता सहाय, सविता गुप्ता, रश्मि सिन्हा, सीमा सिन्हा ‘मैत्री’, सुनीता श्रीवास्तव ‘जागृति’, बिनोद सिंह ‘गहरवार’, अर्पणा सिंह, श्वेता सिन्हा एवं पूनम वर्मा की गीतात्मक प्रस्तुतियों ने गंगा मैया एवं कार्तिक स्नान की अद्भुत छटा बिखेर दी।
इस कार्यक्रम में पद्मश्री बिहार कोकिला शारदा सिन्हा को उनकी पुण्य तिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।संगीत सहाय और पूनम वर्मा ने उनके गीतों की प्रस्तुति दी।
मुख्य अतिथि डॉ० महामाया प्रसाद ‘विनोद’ द्वारा अपने उद्बोद्धन में झारखण्ड भोजपुरी विकास केंद्र द्वारा भोजपुरी के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों एवं सभी प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना की गई।
झारखंड भोजपुरी विकास केंन्द्र के अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने अपने उद्बोद्धन में भविष्य पुराण, स्कंद पुराण एवं महाभारत के कण्व पर्व के प्रसंगों के आधार पर कार्तिक मास, कार्तिक पूर्णिमा एवं इस अवसर पर स्नान के धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख किया एवं शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा सभी कवि-कवयित्रियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें कार्तिक पूर्णिमा एवं देव दीपावली की शुभकामनाएँ तथा गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व की बधाइयाँ दी।
कार्यक्रम का समापन सुनीता श्रीवास्तव ‘जागृति’ के धनवाद ज्ञापन से हुआ।
Kartika Purnima : कार्तिक पूर्णिमा पर भोजपुरी गीत व काव्य गोष्ठी का आयोजन
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