Yogi Cabinet Expansion : उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज बड़ा दिन है। योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार आज दोपहर 3 बजे जन भवन में होने जा रहा है। राज्यपाल नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। सूत्रों के मुताबिक कुल 10 मंत्री शपथ ले सकते हैं, जिनमें 6 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं, जबकि कुछ राज्यमंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार और कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
इनको नामों की चर्चा तेज
राजनीतिक गलियारों में पश्चिमी यूपी को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा तेज है। पासी समाज से कृष्णा पासवान, वाल्मीकि समाज से सुरेंद्र दिलेर, लोधी समाज से कैलाश राजपूत और ओबीसी चेहरे के तौर पर हंसराज विश्वकर्मा के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे (Yogi Cabinet Expansion) हैं। जाट समाज से भूपेंद्र चौधरी का नाम भी संभावित बताया जा रहा है। वहीं सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय और विधायक पूजा पाल को भी मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।
BJP विधायकों का जातीय समीकरण
बता दें कि वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी के 258 विधायक हैं। जिनमें से 45 राजपूत, 42 ब्राह्णण, ओबीसी के 84, एससी के 59 और अन्य सवर्ण विधायक की संख्या 28 हैं। इसी तरह 100 सदस्यों वाली विधान परिषद में भाजपा के 79 सदस्य हैं। इनमें राजपूत 23, ब्राहम्ण 14, ओबीसी 26, मुस्लिम 02 और अन्य सवर्ण 12 और एससी वर्ग के दो सदस्य हैं।
इनका नाम लगभग तय
भूपेंद्र चौधरी
जाट राजनीति और पश्चिम यूपी का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते है। चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद क्षेत्र से आते हैं। आम जन के बीच उनकी अच्छी खासी पकड़ है और योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पंचायतीराज मंत्री की कमान संभाल चुके है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्य़क्ष रहते संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्तमान में भूपेंद्र चौधरी एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल साल 2028 तक है।
कृष्णा पासवान
दलित समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली दलित कृष्णा पासवान का नाम भी मंत्री पद की रेस में आगे चल रहा है। सपा के पीडीए को टक्कर देने में पासवान की पहुंच और पहचान भाजपा को फायदा पहुंच सकती है। उनके मंत्री बनने से पूर्वांचल और मध्य यूपी में पासवान वोट बैंक को आसानी से साधा जा सकता है।
हंसराज विश्वकर्मा
पूर्वांचल की ओबीसी वोटों को साधने के लिए हंसराज विश्वकर्मा भाजपा के सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा हो सकते है। उनकी गिनती भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेताओं में होती है। जिनकी वाराणसी, चंदौली, भदोही और आसपास के जिलों में अच्छी खासी पकड़ है। विश्वकर्मा लंबे समय से संगठन में भी सक्रिय रहे है। ऐसे में उनका मंत्री बनना लगभग तय है।
सुरेंद्र दिलेर
मूल रूप से जाटव समाज से आने वाले खैर विधानसभा सीट के विधायक सुरेंद्र दिलेर का नाम भी मंत्री पद के लगभग तय माना जा रहा है। दिलेर राजनीतिक प्रष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखते है। उनके दादा किशन लाल दिलेर हाथरस लोकसभा सीट से चार बार सांसद रहे है। पश्चिमी यूपी में दलित राजनीति के लिहाज से उनका नाम काफी प्रभावशाली माना जाता है।
कैलाश सिंह राजपूत
कैलाश राजपूत कन्नौज की तिर्वा से विधायक हैं, वो लोध बिरादरी से आते हैं। तिर्वा इलाका समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। ऐसे में सपा का किला भेदने के लिए कैलाश राजपूत काफी अहम भूमिका निभा सकते है। उन्होंने 1996 में तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। इसके बाद वे बसपा चले गए और 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से भाजपा के साथ जुड़े।
इन्हें मिल सकता है प्रमोशन
सूत्रों के अनुसार सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल सिंह को प्रमोशन मिल सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है। कल रात से ही लखनऊ में राजनीतिक (Yogi Cabinet Expansion) हलचल तेज हो गई है। भाजपा इस विस्तार के जरिये पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक ओबीसी, दलित और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर रहा है।