Bihar Politics : तेजप्रताप ने आवास पर दही-चूड़ा भोज रखा है। लालू यादव इस भोज में पहुंचे हैं। लालू यादव ने कहा कि वो तेजप्रताप से नाराज नहीं है। वो परिवार के साथ ही रहें। तेजप्रताप के बीजेपी में जाने के सवाल पर कहा कि, बेटे को हमेशा आशीर्वाद रहेगा।
8 महीने पहले तेजप्रताप की गर्लफ्रेंड के साथ फोटो सामने आने के बाद लालू ने तेजप्रताप को घर और पार्टी से निकाला था।
तेजप्रताप के दही चूड़ा भोज में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद, बड़े मामा प्रभुनाथ यादव, साधु यादव और चेतन आनंद भी पहुंचे हैं। अभी तक तेजस्वी-राबड़ी इस भोज में शामिल नहीं हुए हैं।
तेजप्रताप यादव ने कहा कि तेजस्वी राजद का विलय जनशक्ति जनता दल में कर दें। लालू प्रसाद की असली पार्टी जेजेडी ही है। जनशक्ति जनता दल बंगाल चुनाव लड़ेगी, ममता बनर्जी के खिलाफ हम लड़ेंगे। एमएलसी का चुनाव भी बिहार में हमारी पार्टी लड़ेगी।
दिल्ली में निगम का चुनाव हमारी पार्टी लड़ेगी। तेज प्रताप ने कहा कि जल्द ही हम पूरे बिहार की यात्रा पर निकलेंगे, कब से निकलेंगे इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी। तेजप्रताप ने आगे कहा कि तेजस्वी का इंतजार रात 9 बजे तक करेंगे।
विजय सिन्हा के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे थे तेजप्रताप
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने मंगलवार को अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज रखा। इस भोज में तेजप्रताप यादव भी शामिल हुए। इस दौरान विजय सिन्हा से जब सवाल किया गया कि तेजप्रताप को आप NDA में आने का निमंत्रण देंगे। इस पर विजय सिन्हा ने कहा, वक्त पर सब पता चल जाएगा।
वहीं तेजप्रताप ने भी कहा कि समय आने दीजिए, सब साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, मेरा विजय सिन्हा से व्यक्तिगत संबंध है। हमने भी दही चूड़ा का भोज आयोजित किया है। इन्हें निमंत्रण दिया है।

8 महीने पहले लालू ने पार्टी-परिवार से तेजप्रताप को निकाला था
25 मई को RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद ने तेजप्रताप को पार्टी और घर से निकाले जाने की जानकारी दी थी।
लालू ने X पर लिखा-
निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमजोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है।
अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है।’
अपने निजी जीवन का भला-बुरा और गुण-दोष देखने में वह स्वयं सक्षम है। उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूं।
परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सार्वजनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है।
तेजप्रताप का वो पोस्ट देखिए, जिस पर लालू ने उन्हें निकाला था…..

