Jharkhand News : पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र स्थित ‘ज्ञान गंगा आवासीय स्कूल’ की सुरक्षा व्यवस्था पर उस वक्त बड़े सवाल खड़े हो गए, जब बुधवार की आधी रात को स्कूल के चार नाबालिग छात्र-छात्राएं चुपचाप परिसर से फरार हो गए। गनीमत रही कि जागरूक ग्रामीणों और तरहसी पुलिस की सक्रियता से इन बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया, वरना नक्सल प्रभावित घने जंगलों के बीच कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पूरी घटना: आधी रात को निकले, 35 किमी दूर था घर
जानकारी के अनुसार, फरार होने वाले बच्चों में दो सगे भाई-बहन मनातू के मझौली के रहने वाले हैं, जबकि अन्य दो भाई-बहन मनातू के ही डुमरी इलाके के निवासी हैं। स्कूल से इनके गांवों की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है।
आधी रात को स्कूल से निकलने के बाद ये चारों बच्चे पैदल ही अपने घर की ओर चल पड़े थे। संदिग्ध स्थिति में बच्चों को सड़क पर जाते देख ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही तरहसी थाना प्रभारी आनंद राम के नेतृत्व में पुलिस टीम हरकत में आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों बच्चों को बीच रास्ते से ही रेस्क्यू कर लिया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे हॉस्टल से भागकर अपने घर जा रहे थे।
“ग्रामीणों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों छात्र-छात्राओं का रेस्क्यू कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
— रीष्मा रमेशन, एसपी, पलामू
स्कूल प्रबंधन की भारी लापरवाही: न गार्ड, न खबर
जांच में स्कूल की सुरक्षा को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं….
* सुरक्षा का अभाव: करीब 20 बच्चों वाले इस आवासीय स्कूल में नाइट गार्ड (सुरक्षाकर्मी) तक तैनात नहीं है।
* छिपाई गई जानकारी: बच्चों के भागने की आधिकारिक जानकारी स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को नहीं दी थी। जब पुलिस ने बच्चों को बरामद कर लिया, तब जाकर प्रबंधन ने घटना को स्वीकार किया।
खतरे में थी जान
यह इलाका पूरी तरह नक्सल प्रभावित और घने जंगलों से घिरा हुआ है। जंगली जानवरों और सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में छोटे बच्चों का रात के अंधेरे में असुरक्षित निकलना स्कूल की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
पुलिस अब इस मामले के अन्य कानूनी पहलुओं और स्कूल की मान्यता/सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है।
