Ramnavmi : चइता- सोहर से गूँजा भोजपुरी विकास मंच, मनाया रामजन्मोत्सव

Bindash Bol

Ramnavmi : झारखंड भोजपुरी विकास केंद्र के तत्वावधान में “अवध अइले राम रघुरइया” कार्यक्रम के अंतर्गत, संस्था के अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव की अध्यक्षता में रामनवमी के पावन अवसर पर भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रिम्मी वर्मा द्वारा गणेश वंदना तथा अर्पणा सिंह द्वारा सरस्वती वंदना से हुई।

मुख्य अतिथि डॉ. उर्मिला सिन्हा ने “मइया जय बोले” गीत के माध्यम से सभी सदस्यों को शुभकामनाएँ दीं, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। इसके उपरांत चइता, सोहर एवं देवी गीतों की मधुर प्रस्तुति से कार्यक्रम रससिक्त हो गया। गीता चौबे ने “रामजी लिहले जनमवा बाजेला बधइया”, रश्मि सिन्हा ने “अयोध्या में जनम लिहलें राम”, हिमकर श्याम ने “एक हाथ में बा कमल”, पुष्पा पांडेय ने “कुछ मांगे अइनी आहो मइया”, अर्पणा सिंह ने “छम-छम बाजे गोरी के पयजनिया हो रामा”, सविता गुप्ता ने “मइया के लागे ना नजरिया”, रिम्मी वर्मा ने “हम त अंगने में मंदिर बनवाइब सजना”, पूनम वर्मा ने “धन-धन राजा दशरथ, धन माता कौशिला” (सोहर) प्रस्तुत किया। इसी क्रम में कामेश्वर सिंह ‘कामेश’ ने “मनवा जब भोजपुरी बोले”, निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने “भोरे-भोरे बहेला पवनवा ए रामा”, बिनोद सिंह ‘गहरवार’ ने “बितल जाला चइत के महिनवा हो रामा, पिया नाहीं अइलें”, सुनीता श्रीवास्तव ‘जागृति’ ने “धन-धन चइत के महिनवा, रामजी जनमलें नू हो” (सोहर) तथा हरेंद्र श्रीवास्तव ने “राम ना बिगड़िहें जेकर, केहू ना बिगाड़ी जी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।

स्वागत भाषण रश्मि सिन्हा ने दिया, जबकि मंच संचालन सुनीता ‘जागृति’ ने कुशलतापूर्वक किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने मातृशक्ति पूजा एवं भगवान राम के आदर्श चरित्र पर अत्यंत सारगर्भित विचार प्रस्तुत करते हुए कहा— “सत्यसंध पालक श्रुति सेतू, राम जनम जग मंगल हेतू।” उन्होंने श्रीराम के जन्म को समस्त जगत के कल्याण का प्रतीक बताया।
यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और लोकसंस्कृति के सुंदर संगम के रूप में संपन्न हुआ।

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