* सीजफायर पर वैश्विक विवाद: अमेरिका के बयान से पाकिस्तान के दावे बेनकाब, लेबनान बना नया तनाव केंद्र
* सीजफायर का क्रेडिट लेने की कोशिश पर अमेरिका ने किया साफ इंकार
Pakistan Exposed : अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जब ईरान-अमेरिका के बीच हुए सीजफायर समझौते को लेकर अलग-अलग दावों और बयानों ने नया विवाद खड़ा कर दिया। अमेरिका ने साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि इस समझौते में लेबनान शामिल नहीं था, जबकि पाकिस्तान पहले इसके उलट दावा कर चुका था।
सीजफायर को लेकर बढ़ी कन्फ्यूजन
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पूरे विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सीजफायर को लेकर “गलतफहमी” पैदा हुई है। उनके अनुसार ईरान यह मानकर चल रहा था कि समझौते का दायरा लेबनान तक फैला हुआ है, जबकि वास्तविकता में यह समझौता केवल क्षेत्रीय तनाव कम करने के उद्देश्य से था।
वेंस ने बताया कि समझौते का फोकस अमेरिका के सहयोगियों और ईरान के बीच टकराव को सीमित करना था, न कि लेबनान में चल रहे सैन्य घटनाक्रम को रोकना।
ट्रंप ने भी किया साफ इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि लेबनान को सीजफायर समझौते में शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने संकेत दिया कि लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह की मौजूदगी इस फैसले की बड़ी वजह रही।
ट्रंप के मुताबिक, लेबनान में जारी झड़पें अलग सैन्य परिस्थिति का हिस्सा हैं और उन्हें ईरान-अमेरिका समझौते से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
शहबाज शरीफ के दावों पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का बयान अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन गया। उन्होंने पहले दावा किया था कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है।
लेकिन अमेरिका और इजरायल की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के बाद यह दावा गलत साबित हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से वैश्विक स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा हुई और पाकिस्तान की कूटनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए।
इजरायल का सख्त संदेश
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि लेबनान में चल रहा सैन्य अभियान सीजफायर से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
यही कारण रहा कि सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान में हमले तेज कर दिए। इन हमलों में कई लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं।
होर्मुज जलमार्ग बंद, दुनिया चिंतित
तनाव के बीच ईरान ने रणनीतिक कदम उठाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग को बंद कर दिया। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में से एक माना जाता है।
अमेरिका ने तुरंत इस मार्ग को खोलने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह जलमार्ग लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक तेल सप्लाई, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।