India Growth : ईरान-इजरायल युद्ध की आहट के बीच भारत के हाथ लगा ‘जैकपॉट’, लीबिया में मिला तेल का विशाल खजाना!

Bindash Bol

India Growth : जहां एक ओर मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और दुनिया ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के डर से कांप रही है, वहीं भारत के लिए सात समंदर पार से एक ऐसी खबर आई है जिसने ड्रैगन से लेकर पश्चिमी देशों तक को हैरान कर दिया है। भारत की ‘महारत्न’ कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने लीबिया के खतरनाक माने जाने वाले घडामेस बेसिन (Ghadames Basin) में तेल और गैस का एक नया भंडार खोज निकाला है।
इसे भारत की किस्मत का ‘जैकपॉट’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि जब ब्रेंट क्रूड $100 के पार जाने को बेताब है, तब भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा की एक मजबूत दीवार खड़ी कर दी है।

कहां मिला है यह ‘काला सोना’?

​लीबिया के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में स्थित एरिया 95/96 के ब्लॉक में यह बड़ी कामयाबी मिली है। यह इलाका लगभग 6,630 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

* ​कुआं नंबर A1-96/02: यह वह जादुई पॉइंट है जहाँ से हाइड्रोकार्बन की भारी मौजूदगी के संकेत मिले हैं।

* ​ऐतिहासिक सफलता: 2012-2014 के बाद अब छठे कुएं में मिली यह कामयाबी साबित करती है कि भारत की तकनीक और धैर्य रंग ला रहे हैं।

भारतीय ‘पावर कपल’ का कमाल

​यह जीत सिर्फ ऑयल इंडिया की नहीं, बल्कि भारतीय एकजुटता की है। इस प्रोजेक्ट में एक भारतीय कंसोर्टियम काम कर रहा है…

* ​ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL): 25% हिस्सेदारी के साथ अग्रणी भूमिका में।

* ​इंडियन ऑयल (IOCL): साझीदार के रूप में कंधे से कंधा मिलाकर।

* ​सिपेक्स (SIPEX): ऑपरेटर के तौर पर इस पूरे मिशन को अंजाम दे रही है।

क्यों यह खोज दुनिया में चर्चा का विषय है?

1. होर्मुज की टेंशन का जवाब: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (दुनिया की तेल सप्लाई की लाइफलाइन) पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में लीबिया में नया सोर्स मिलना भारत के लिए ‘प्लान-B’ की तरह है।
2. सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?: जैसे-जैसे भारत की कंपनियों के पास अपनी विदेशी संपत्तियां बढ़ेंगी, अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों पर हमारी निर्भरता कम होगी। यह भविष्य में आम आदमी की जेब को राहत दे सकता है।
3. ग्लोबल इमेज: लीबिया की नेशनल ऑयल कॉरपोरेशन (NOC) ने आधिकारिक तौर पर इसे बड़ी खोज माना है। इससे वैश्विक बाजार में भारतीय कंपनियों की साख बढ़ी है।

आगे क्या होगा?

​अब इस भंडार का तकनीकी आकलन (Assessment) किया जाएगा। इसके बाद जल्द ही उत्पादन की प्रक्रिया शुरू होगी। जानकारों का मानना है कि यह खोज न केवल ऑयल इंडिया के शेयरों में जान फूंकेगी, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
​ जब दुनिया युद्ध और महंगाई की बातें कर रही है, भारत चुपचाप अपने भविष्य के ईंधन का इंतजाम कर रहा है। लीबिया की रेत से निकला यह तेल, भारत की तरक्की की रफ्तार को और तेज करेगा।

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