Election Results 2026: 4 मई 2026 की सुबह भारतीय राजनीति के लिए निर्णायक मोड़ लेकर आई है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में 824 सीटों पर डाले गए वोट अब नतीजों में बदलने लगे हैं। हर राज्य में बहुमत का आंकड़ा सत्ता की चाबी है, और सभी राजनीतिक दल उसी के इर्द-गिर्द अपनी रणनीति बुन रहे हैं। जैसे-जैसे ईवीएम खुल रही हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। क्या BJP बढ़त बनाएगी, क्या DMK टिकेगी या TVK चौंकाएगी, और क्या केरल में ऐतिहासिक बदलाव होगा-हर सीट में छुपा है सत्ता का असली खेल।
बंगाल का महासंग्राम: कौन पार करेगा 148 का आंकड़ा?
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 148 सीटें बहुमत के लिए जरूरी हैं। एग्जिट पोल ने मुकाबले को बेहद कांटे का बताया है, जहाँ BJP 150–160 सीटों के साथ बढ़त बना सकती है, वहीं ममता बनर्जी की TMC 130-140 सीटों के बीच रह सकती है। हालांकि फलता सीट पर पुनर्मतदान के कारण 293 सीटों के नतीजे पहले आएंगे, जिससे अंतिम तस्वीर और भी रहस्यमयी हो गई है।
तमिलनाडु में त्रिकोणीय जंग: कौन बनेगा किंगमेकर?
234 सीटों वाले तमिलनाडु में बहुमत का आंकड़ा 118 है। DMK, AIADMK और विजय की TVK के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। एग्जिट पोल DMK को बढ़त देते हैं, लेकिन TVK की एंट्री ने समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। क्या यह चुनाव पारंपरिक राजनीति को तोड़ेगा या फिर पुरानी ताकतें ही वापसी करेंगी—यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
केरल में ऐतिहासिक बदलाव की आहट?
केरल की 140 सीटों में बहुमत के लिए 71 सीटें चाहिए। एग्जिट पोल UDF को 78–90 सीटों के साथ स्पष्ट बढ़त देते हैं। यदि यह सच साबित होता है, तो LDF अपनी आखिरी राज्य सरकार भी खो सकता है-जो भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा।
असम में BJP का दबदबा या उलटफेर?
126 सीटों वाले असम में बहुमत का आंकड़ा 64 है। शुरुआती अनुमानों में BJP और उसके सहयोगी 88-100 सीटों के साथ मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। लेकिन क्या अंतिम नतीजे भी यही कहानी कहेंगे या फिर कोई बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा?
पुडुचेरी का छोटा राज्य, बड़ा सस्पेंस
30 सीटों वाली पुडुचेरी विधानसभा में 16 सीटें बहुमत के लिए जरूरी हैं। NDA गठबंधन को 16–20 सीटों का अनुमान दिया गया है, लेकिन यहां की राजनीति अक्सर चौंकाने वाले परिणाम देती रही है।
हर सीट पर टिका है भविष्य
इन पांच राज्यों के नतीजे सिर्फ सरकारें ही नहीं तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी निर्धारित करेंगे। हर सीट के साथ सस्पेंस गहराता जा रहा है-कौन जीतेगा, कौन हारेगा, और किसके हाथ में आएगी सत्ता की असली चाबी-इसका जवाब आज पूरे देश को मिलेगा।