Congress Crisis : तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. वर्षों पुराने राजनीतिक समीकरण अचानक बदलते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस ने नई सरकार में शामिल होने की उम्मीद के साथ अपना पुराना गठबंधन तोड़ते हुए ऐक्टर विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. इस फैसले ने सिर्फ सियासी गलियारों में हलचल नहीं मचाई, बल्कि कांग्रेस के भीतर भी नाराजगी की चिंगारी भड़का दी है. कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता खुलकर इस निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं. पार्टी के अंदर बढ़ती असहमति और बयानबाजी ने साफ कर दिया है कि इस फैसले को लेकर कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है.
मणिशंकर अय्यर ने फैसले को बताया खतरनाक
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने इस फैसले को बेहद खतरनाक बताया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस कदम में राजनीतिक अवसरवादिता की गंध आती है. अय्यर का मानना है कि अगर इस फैसले की वजह से बीजेपी को द्रविड़ राजनीति वाले तमिलनाडु में पीछे के रास्ते से प्रवेश मिल जाता है, तो यह कांग्रेस की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल साबित हो सकती है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस अपने ही गोलपोस्ट में गोल कर रही है. उनके बयान के बाद पार्टी के भीतर बेचैनी और बढ़ गई है.
डीएमके के बाद टीवीके से गठबंधन पर उठे सवाल
बातचीत के दौरान अय्यर ने कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और डीएमके ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. जिन सीटों पर कांग्रेस की जीत और हार हुई, वहां सीधा मुकाबला टीवीके से था. ऐसे में अचानक उसी पार्टी के साथ हाथ मिलाना कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी समझ नहीं आ रहा है. कांग्रेस के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
अखिलेश यादव ने भी दी नसीहत
वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश ने भी बिना नाम लिए कांग्रेस को नसीहत दी है. उन्होंने एम के स्टालिन और ममता बनर्जी की तस्वीर साझा करते हुए पोस्ट किए और कहा कि राजनीति में मुश्किल समय आने पर सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ना चाहिए. उनके इस बयान को कांग्रेस के फैसले पर तंज माना जा रहा है.
सरकार गठन को लेकर तेज हुई हलचल
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. एआईएडीएमके के विधायकों को पुडुचेरी के पूरनकुप्पम स्थित एक निजी रिसॉर्ट में ठहराया गया है.। सूत्रों के मुताबिक, टीवीके को संभावित समर्थन देने को लेकर लगातार बातचीत चल रही है.। बताया जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग स्तर पर संपर्क बनाए हुए हैं.
पलानीस्वामी ने विधायकों को दिया एकजुट रहने का संदेश
इस बीच एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने रिसॉर्ट में विधायकों के साथ अहम बैठक की. बैठक में करीब 40 विधायक मौजूद रहे. पलानीस्वामी ने सभी विधायकों से एकजुट रहने और धैर्य बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।.तमिलनाडु की राजनीति में चल रही यह उठापटक आने वाले समय में और बड़ा मोड़ ले सकती है.