PM Modi : सूरत से दमन तक विकास की रफ्तार, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ पश्चिमी भारत की तस्वीर बदलने वाली है!

Bindash Bol

PM Modi :  देश की आर्थिक और तटीय सीमाओं को बदलने के लिए एक बार फिर से दिल्ली से लेकर गुजरात तक की सियासी और प्रशासनिक हलचलें तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, यानी 5 जून को गुजरात और दमन के एक बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी करीब ₹22,000 करोड़ की विशालकाय विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने वाले हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी इस खबर ने न सिर्फ बुनियादी ढांचा (Infrastructure) क्षेत्र में हलचल मचा दी है, बल्कि रणनीतिक गलियारों में भी कौतूहल पैदा कर दिया है।

सूरत में ₹18,800 करोड़ की गुप्त बिसात और ‘8-लेन’ का रहस्य

इस महादौरे का सबसे पहला और बड़ा केंद्र बनने जा रहा है सूरत। अकेले सूरत में ही प्रधानमंत्री ₹18,800 करोड़ की अभूतपूर्व परियोजनाओं की सौगात देश को सौंपेंगे। लेकिन इसमें सबसे ज़्यादा ध्यान खींचने वाली परियोजना है-8-लेन एक्सेस-नियंत्रित वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे। इस एक्सप्रेसवे के मुख्य पैकेजों को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के पीछे का रहस्य सिर्फ गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाना नहीं है, बल्कि देश के दो सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों को एक ऐसे जाल से जोड़ना है जो आने वाले समय में व्यापार की पूरी तस्वीर बदल देगा। यह मेगा प्रोजेक्ट भारत की आर्थिक रफ्तार को किस दिशा में ले जाएगा, इसकी गूंज जल्द ही सुनाई देगी।

आदिवासी इलाकों से ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ तक का गुप्त कनेक्शन

सूरत के इस मेगा शो के ठीक बाद, पीएम मोदी एक ऐसे प्रोजेक्ट की नींव रखने जा रहे हैं जो सामाजिक और रणनीतिक दोनों लिहाज से बेहद चौंकाने वाला है। नेशनल हाईवे-56 (NH-56) के कुछ बेहद महत्वपूर्ण हिस्सों को फोर-लेन (चार-लेन) में बदलने की आधारशिला रखी जाएगी। सस्पेंस इस बात को लेकर है कि यह सिर्फ एक सड़क चौड़ीकरण की योजना नहीं है, बल्कि यह परियोजना सीधे तौर पर उपेक्षित आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का जाल बिछाएगी। इसके साथ ही, यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ तक पहुंचने के रास्ते को बेहद आसान और तेज बना देगी। पर्यटन और आदिवासी विकास के इस अनूठे मेल के पीछे सरकार का अगला बड़ा कदम क्या है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

दमन में ‘नमो एयरपोर्ट’ का सस्पेंस और समुद्र का नया सिंडिकेट

सूरत में विकास की आंधी लाने के बाद प्रधानमंत्री का अगला पड़ाव दमन होगा। दमन में करीब ₹2,970 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। लेकिन इस पूरे तटीय क्षेत्र में जिस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है दमन में बनकर तैयार हुआ ‘नमो एयरपोर्ट’। पीएम मोदी इस नए एयरपोर्ट की आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे। केंद्र शासित प्रदेश में इस स्तर के हवाई अड्डे का विकास पर्यटन और सुरक्षा के लिहाज से क्या मायने रखता है, इस पर विशेषज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं।

लक्षद्वीप का मास्टरस्ट्रोक: अरब सागर में ₹885 करोड़ का महामिशन

इस पूरी प्रेस रिलीज में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सस्पेंस बिल्कुल आखिरी में छिपा है। दमन की धरती से प्रधानमंत्री मोदी केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के लिए ₹885 करोड़ की भारी-भरकम बंदरगाह (Port) परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। हाल के दिनों में रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील रहे लक्षद्वीप में इतनी बड़ी बंदरगाह परियोजना की शुरुआत करना, अरब सागर में भारत की ताकत को कई गुना बढ़ाने का संकेत है।

पीआईबी (PIB) दिल्ली द्वारा 4 जून को जारी इस जानकारी के बाद अब हर किसी की निगाहें शुक्रवार को होने वाले इस भव्य आयोजन पर टिकी हैं। क्या यह सिर्फ विकास की परियोजनाएं हैं या फिर भारत की तटीय और आर्थिक सीमाओं को सुरक्षित करने का कोई नया चक्रव्यूह? इसका जवाब शुक्रवार को पीएम मोदी के भाषण के साथ ही साफ हो पाएगा।

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