Ram Mandir Trust : राम मंदिर ट्रस्ट की आज सबसे अहम बैठक: चंपत राय की विदाई तय? नए महासचिव पर लग सकती है मुहर

Bindash Bol

राम मंदिर ट्रस्ट की आज निर्णायक बैठक! चंपत राय की विदाई, बजरंग की एंट्री?

Ram Mandir Trust :  राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर कई दिनों से जारी विवाद के बीच सोमवार को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सबसे महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट की पहली आधिकारिक बैठक है, जिस पर देशभर के करोड़ों रामभक्तों की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट के नेतृत्व और प्रशासन से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे पर फैसला संभव

बैठक के एजेंडे में सबसे पहले महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों पर विचार होगा। यदि दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं तो ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद नए महासचिव और नए ट्रस्टियों के नामों पर भी मुहर लग सकती है।

महासचिव की रेस में सबसे आगे बजरंग लाल बागड़ा

महासचिव पद के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है। बागड़ा अयोध्या भी पहुंच चुके हैं। उनके अलावा कृष्णमोहन का नाम भी चर्चा में है। वहीं, ट्रस्ट में नए सदस्य के तौर पर नीरज दौनेरिया को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। वह दिवंगत ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र की जगह ले सकते हैं।

SIT सौंपेगी अंतरिम रिपोर्ट

बैठक में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय एसआईटी अपनी अंतरिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के सामने पेश करेगी। 13 जून को गठित एसआईटी अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच जारी है। इस मामले की एफआईआर ट्रस्टी कृष्णमोहन की ओर से दर्ज कराई गई थी।

ऑडिट रिपोर्ट और नए CEO पर भी होगी चर्चा

बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति, मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और भविष्य की कार्ययोजना पर भी अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

कौन हैं बजरंग लाल बागड़ा?

राजस्थान के सीकर निवासी बजरंग लाल बागड़ा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वह सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी NALCO के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने विश्व हिंदू परिषद में सक्रिय भूमिका निभाई और वर्तमान में संगठन के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हैं। संगठन संचालन और वित्तीय प्रबंधन का लंबा अनुभव होने के कारण उन्हें महासचिव पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

आज की बैठक पर पूरे देश की नजर

दोपहर 3 बजे अयोध्या स्थित जन्मभूमि परिसर के यात्री सुविधा केंद्र में होने वाली इस बैठक से ट्रस्ट के भविष्य की दिशा तय हो सकती है। चढ़ावा विवाद के बाद यह बैठक केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के भरोसे और मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता की कसौटी भी मानी जा रही है।

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