JPSC Exam Postponed : NEET पर संग्राम के बीच JPSC मेन्स एग्जाम स्थगित, OMR शीट में गड़बड़ी के आरोप के बाद फैसला

Bindash Bol

JPSC Exam Postponed :  नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी को लेकर देश की राजनीति दिल्ली में संग्राम जारी है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के साथ ही नीट को लेकर संसद का माहौल गरमाया हुआ है. इस बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC ) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 यानी JPSC मेन्स को स्थगित कर दिया है. JPSC मेन्स का आयोजन 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित था. आयोग ने कहा है कि अपरिहार्य कारणवश परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित किया जा रहा है. आयोग ने फैसला तब लिया है, जब प्रदेशभर में JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) की OMR शीट में गड़बड़ी समेत भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किए जा रहे हैं. आयोग ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि वेबसाईट पर Examination Calendar-2026 के तहत प्रकाशित Proposed Exam Schedule Date 9.07.2026 में अंकित शेष परीक्षाओं के लिए निर्धारित कार्यक्रम को भी अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है.

आइए, पूरा मामला विस्तार से समझते हैं. समझते हैं कि क्यों प्रदर्शन किया जा रहा है. इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई हैं.

प्रारंभिक परीक्षा में धांधली का आरोप

झारखंड में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी होते ही राज्य में स्टूडेंट्स के बीच आक्रोश देखा जा रहा था. परीक्षा में कथित धांधली, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के विरोध में छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी, आजसू पार्टी और जेएलकेएम के नेता भी मैदान में उतर आए हैं.

असल में 14वी JPSC की प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद से ही विवादों के घेरे में आ गया था, जेपीएससी के कैंडिडेट्स और विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर शीट में गड़बड़ी और कटऑफ सार्वजनिक नहीं किए जाने समेत यूपी की ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा आयोजन का टेंडर देने का आरोप लगाया था.

बीजेपी युवा मोर्चा का प्रदर्शन

इन आरोपों को लेकर बुधवार 22 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में पूरे प्रदेश के 24 जिलाें से कार्यकर्ता रांची में जुटे. बीजेपी युवा मोर्चा ने परीक्षा में हुई कथित धांधली अनियमितता भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए तत्काल परीक्षा को रद्द करने के साथ-साथ सीबीआई जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए, जोरदार आक्रोश प्रदर्शन करते हुए जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया.

इस दौरान भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि झारखंड की वर्तमान सरकार ने JPSC जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया है. सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय युवाओं से आवेदन शुल्क वसूलकर उनकी मेहनत की कमाई लूटने और रोजगार को व्यापार बनाने का काम किया है.

JPSC चैयरमैन को देना पड़ा है इस्तीफा

कैंडिडेट्स की नाराजगी समेत भाजयुमो के राज्यव्यापी जनाक्रोश के दबाव में जेपीएससी चेयरमैन से बीते रोज आनन-फानन में इस्तीफा लिया गया. इसके बाद से इस पूरे प्रकरण को संदेह की नजर से देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि अगरसब कुछ पारदर्शी था तो चेयरमैन को हटाने की नौबत नहीं आनी चाहिए थी.

103 पदों पर होनी है भर्ती
झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 यानी JPSC मेन्स का आयोजन कुल 103 पदों पर भर्ती के लिए होना था. इसके लिए पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी. उसमें सफल हुए कैंडिडेट्स के लिए मेन्स एग्जाम प्रस्तावित था. इसमें सफल होने वाले कैंडिडेट्स 103 पदों पर भर्ती के लिए पात्र होते हैं.

पद विवरण की बात करें तो JPSC ने डिप्टी कलेक्टर के 28, डिप्टी सुपरिडेंट ऑफ पुलिस के 42, डिस्ट्रिक कंमाडेंट्स के 2, प्रोबोशन ऑफिसर के 4, असिस्टेंट डायरेक्ट (महिला, बाल विकास व सामाजिक सुरक्षा विभाग) के 3, असिस्टेंट रजिस्टार (कृषि, पशुपालन, कोऑपरेटिव विभाग) के 2, असिस्टेंट टाउन कमिश्नर के 10, जेल सुपरिडेंट के 2 और डिस्ट्रिक पब्लिक रिलेशन ऑफिसर के 10 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था.

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