Paper Leak : नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। एजेंसी ने शुक्रवार को 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया। इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी किए जाने की तैयारी है। यह कदम NTA में व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार अब परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत NTA की कार्यप्रणाली, परीक्षा संचालन और आउटसोर्सिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है। विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर नई व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी है।
लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली बनाने पर जोर
सरकार का लक्ष्य ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिसमें प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुरक्षा को और मजबूत करने पर फोकस रहेगा।
NTA हर साल NEET, JEE, CUET सहित 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करती है। हाल के विवादों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे, जिसके बाद सुधार प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
शिक्षा मंत्रालय में भी हुआ बदलाव
पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पूर्व सचिव विनीत जोशी की जगह 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि गंगवार राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी प्राथमिकताओं में राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, छात्रों का विश्वास बहाल करना और NTA की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना शामिल होगा।
NTA की संरचना में भी होंगे बदलाव
NTA एक स्व-वित्तपोषित संस्था है, जिसका नेतृत्व केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त महानिदेशक करते हैं। वर्तमान में एजेंसी में प्रतिनियुक्ति पर 22 कर्मचारी, 38 संविदा कर्मचारी और 138 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। सरकार ने 29 अक्टूबर 2024 को एजेंसी में 16 नए पद भी सृजित किए थे, जिनमें 8 निदेशक और 8 संयुक्त निदेशक स्तर के पद शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि परीक्षा संचालन से जुड़े सुरक्षा और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता या पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
कौन हैं नरेश पाल गंगवार?
नरेश पाल गंगवार राजस्थान कैडर के 1994 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। उन्हें करीब तीन दशक का प्रशासनिक अनुभव है। नई जिम्मेदारी संभालने से पहले वह मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव थे।
राजस्थान में उन्होंने जिला कलेक्टर और प्रमुख सचिव जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इसके अलावा, राजस्थान की सौर ऊर्जा नीति तैयार करने, जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन को आगे बढ़ाने तथा पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी नीतियों के निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका रही है।