* बारिश में भी नहीं डिगा हौसला, JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ 21वें दिन भी छात्रों का महा-संग्राम!
* अस्पताल के बेड से हुंकार: 12वें दिन भी देवेंद्र का अनशन जारी, हबीबा बोलीं— “बात कीजिए CM साहब, हम आपके ही बच्चे हैं”
Jharkhand Student Protest : प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ झारखंड के युवाओं का सब्र अब आक्रोश के सैलाब में बदल चुका है। JPSC और JSSC की अनियमितताओं के खिलाफ रांची में छात्रों का सत्याग्रह शुक्रवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया। आसमान से बरसती आफत और भारी बारिश भी युवाओं के फौलादी इरादों को हिला नहीं सकी। छात्र भीगते रहे, लेकिन आंदोलन स्थल से एक इंच पीछे नहीं हटे।
सत्ता की खामोशी के बीच अस्पताल के बेड से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने सरकार को दो-टूक चेतावनी दी है।
“मैं रहूं या न रहूं, लोकतंत्र रहना चाहिए” — देवेंद्र नाथ महतो
रांची सदर अस्पताल में जिंदगी और हक की जंग एक साथ लड़ रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनशन का आज 12वां दिन है। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिसिया बर्बरता और बिगड़ती तबीयत के बाद उन्हें भर्ती कराया गया था, लेकिन उनका जज्बा नहीं टूटा।
ड्रिप लगी बांहों के साथ देवेंद्र ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ललकारते हुए कहा….
“मुख्यमंत्री जी! छात्रों की आवाज दबाइए मत, उनसे सीधे बात कीजिए। उनकी समस्याओं को समझिए और तत्काल समाधान निकालिए। मैं रहूं या न रहूं, इस राज्य में लोकतंत्र और युवाओं का हक जिंदा रहना चाहिए। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, यह कफन बांधकर शुरू किया गया अनशन खत्म नहीं होगा!”
देवेंद्र ने अस्पताल प्रबंधन से तुरंत डिस्चार्ज कर वापस आंदोलन स्थल जयपाल सिंह स्टेडियम भेजने की मांग की है, जहां उनके समर्थक लगातार डटे हुए हैं।
दर्द में भी डटी छात्रा उम्मे हबीबा की भावुक हुंकार
अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने से सदर अस्पताल में भर्ती छात्रा उम्मे हबीबा ने वीडियो जारी कर सरकार की संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार किया है।
हबीबा ने कहा..
“हम बेहद तकलीफ में हैं, लेकिन झुकेंगे नहीं। CM साहब, हम सब आपके ही बच्चे हैं। आखिर कब तक आंखें मूंदे रहेंगे? छात्रों के बीच आइए, बैठिए और समाधान निकालिए। हमारी जिंदगी और भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।”
झुकने को तैयार नहीं युवा शक्ति
* 21 दिन, अटूट हौसला: जयपाल सिंह स्टेडियम में सैकड़ों छात्र दिन-रात खुले आसमान के नीचे डटे हैं।
* भविष्य की जंग: छात्रों का साफ कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों नौजवानों के अधिकार और अस्मिता की जंग है।
* सीधे संवाद की मांग: छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार धांधली पर ठोस फैसला नहीं लेती, आंदोलन और तेज होगा
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