Modi Government : Gen-Z को साधने के लिए मोदी सरकार का ‘मिशन डिजिटल’: कैबिनेट रिपोर्ट कार्ड में PM मोदी टॉप पर, रील्स और स्नैपचैट से युवाओं तक पहुंचेगी सरकार

Siddarth Saurabh

Modi Government : ​नई दिल्ली में हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने अपनी संचार रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। युवाओं और खासकर ‘Gen-Z’ (नई पीढ़ी) के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए सरकार ने सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी दिशा में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों की डिजिटल सक्रियता से जुड़ा एक विस्तृत परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल लोकप्रियता के मामले में पहले पायदान पर रहे।

​कैसे तैयार हुआ मंत्रियों का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड?

​मई से 15 अगस्त तक मंत्रियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स के लगभग साढ़े तीन महीने के डेटा का विश्लेषण करके यह रैंकिंग तैयार की गई। इसमें केवल कैबिनेट मंत्रियों की आपस में तुलना नहीं हुई, बल्कि देश के प्रमुख राजनीतिक चेहरों और जमीनी स्तर के नेताओं की मौजूदगी को भी परखा गया।

​रैंकिंग तय करने के मुख्य आधार….

* ​प्लेटफॉर्म कवरेज: इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर सक्रियता।

* ​एंगेजमेंट मेट्रिक्स: रोजाना की जाने वाली पोस्ट्स, कुल एंगेजमेंट और प्रति पोस्ट औसत एंगेजमेंट।

* ​पॉपुलैरिटी इंडेक्स: कुल लाइक्स, औसत लाइक्स और तीनों प्लेटफॉर्म्स पर फॉलोअर्स की कुल संख्या।

​इस आकलन से स्पष्ट है कि सरकार अब सोशल मीडिया को सिर्फ सरकारी आदेश और सूचनाएं प्रसारित करने का जरिया नहीं, बल्कि जनता से सीधा संपर्क साधने का मुख्य माध्यम मान रही है।

​पारंपरिक बयानों की जगह रील्स और क्रिएटर फॉर्मेट पर जोर

​युवाओं की बदलती प्राथमिकताओं को देखते हुए सरकारी संचार के अंदाज में भी नयापन लाया जा रहा है….

* ​शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट: लंबे और पारंपरिक बयानों के बजाय अब शॉर्ट रील्स, कैजुअल अंदाज और क्रिएटर-स्टाइल वीडियो पर फोकस किया जा रहा है।

* ​नए प्लेटफॉर्म्स का रुख: युवाओं से जुड़ने की रणनीति के तहत विदेश मंत्रालय ने स्नैपचैट पर भी अपनी आधिकारिक मौजूदगी दर्ज कराई है।

* ​अनुकूल संवाद शैली: सभी मंत्रियों और मंत्रालयों को युवाओं की पसंद और उनकी भाषा के अनुरूप कंटेंट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

​डिजिटल लोकप्रियता बनाम जमीनी असर: क्या लाइक्स बदलेंगे समर्थन में?

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर सहज, बातचीत के अंदाज वाला कंटेंट युवाओं को आसानी से आकर्षित करता है। सरकार की यह बदली हुई रणनीति डिजिटल मंचों पर युवाओं से जुड़ने में कारगर साबित हो सकती है।
​हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक्स, व्यूज और शेयर्स सीधे तौर पर जमीनी समर्थन में तब्दील होंगे या नहीं, यह नीतिगत फैसलों और युवाओं के वास्तविक मुद्दों के समाधान पर निर्भर करेगा। लेकिन इतना तय है कि Gen-Z की प्राथमिकताओं ने देश में राजनीतिक संवाद के पारंपरिक तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है।

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