* CJP नेता रांका को ग्रामीणों ने धक्के देकर भगाया! जयपुर में हुआ भारी बवाल, जानें क्या है पूरा मामला
CJP : देश की राजधानी दिल्ली में नीट (NEET) पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर सुर्खियों में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब राजस्थान में अपने ही अभियान को लेकर विवादों में घिरती नजर आ रही है. जयपुर के बगरू स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे सीजेपी (CJP) कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. इसके साथ ने CJP के कार्यकर्ताओं ने धक्के मारकर गांव से बाहर खदेड़ दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक, नाराज ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं को वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया और बाद में CJP के खिलाफ धरने पर भी बैठ गए. मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया, जब CJP से जुड़े आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम के सदस्यों के साथ बीजेपी समर्थित लोगों ने मारपीट की. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
क्या है पूरा मामला?
जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में CJP कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद माहौल गरमा गया. स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे कार्यकर्ताओं का ग्रामीणों ने विरोध किया और उन्हें वहां से वापस जाने के लिए कहा. इसके बाद स्थानीय लोगों ने CJP के खिलाफ धरना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि CJP से जुड़े आशुतोष रांका भी स्कूल पहुंचने वाले थे. इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्कूल की बदहाल स्थिति का दावा किया था. रांका ने आरोप लगाया कि रामपुरा-कंवरपुरा का यह सरकारी स्कूल पिछले कई वर्षों से भैंसों के तबेले में संचालित हो रहा है और इसी स्थिति का जायजा लेने वह मौके पर पहुंच रहे हैं.
रांका ने बीजेपी पर लगाया आरोप
रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि कंवरपुरा में स्थित सरकारी स्कूल, रामपुर, पिछले कई सालों से भैंसों के बाड़े में चल रहा है. मैं अभी वहाँ पहुँच ही रहा हूँ. लेकिन हमारी टीम के जो सदस्य वहाँ पहले ही पहुँच चुके थे, बीजेपी के गुंडों ने एक बार फिर उनके साथ हिंसा की है. बीजेपी को इस बात से कोई दिक्कत नहीं है कि हमारे बच्चे भैंसों के बाड़े में पढ़ते रहें, लेकिन अगर हम इन स्कूलों को ठीक करवाने की कोशिश करते हैं, तो यह उन्हें मंज़ूर नहीं है. इससे ज़्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है?
ग्रामीण ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सरकारी स्कूल की इमारत लंबे समय से खराब हालत में है और बच्चों को बेहद असुविधाजनक माहौल में पढ़ना पड़ रहा है. इसी समस्या को लेकर CJP कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे थे, लेकिन उनके आने से स्थानीय लोगों का विरोध शुरू हो गया. इसके बाद ग्रामीणों ने CJP के खिलाफ धरना शुरू कर दिया. फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और मामले को लेकर स्थानीय राजनीति भी गरमा गई है. ग्रामीण विष्णु कुमार शर्मा के अनुसार, गांव में पहले प्राथमिक विद्यालय 5वीं कक्षा तक चलता था और स्कूल के लिए जमीन उनके दादा ने उपलब्ध कराई थी. उन्होंने बताया कि 1999 में स्कूल की इमारत बनाई गई थी, लेकिन इसके बाद उसकी नियमित मरम्मत नहीं हुई. समय के साथ भवन की हालत इतनी खराब हो गई कि बच्चों को वहां बैठाकर पढ़ाना मुश्किल हो गया. फिलहाल ग्रामीणों ने गांव के एक बड़े भवन में दो कमरे स्कूल के लिए दिए हैं, जहां दो शिक्षक करीब 20 से 30 बच्चों को पढ़ा रहे हैं.
बहरहाल, स्कूल की बदहाल स्थिति और CJP कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर गांव में माहौल गरम है. दोनों पक्षों के दावों के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन स्कूल की समस्या और विवाद को लेकर क्या कदम उठाता है. वहीं इस मामले में अब राजनीति गरमाने के आसार भी बनते हुए दिखाई दे रहे है.