PM Modi in Uzbekistan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के चार दिवसीय कूटनीतिक दौरे पर हैं। यात्रा के पहले पड़ाव में ताशकंद पहुंचे पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, व्यापार और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मध्य एशिया का यह भू-आबद्ध (Landlocked) देश आज वैश्विक शक्तियों के लिए सिर्फ रणनीतिक ही नहीं, बल्कि अपने अकूत प्राकृतिक खजाने के कारण आर्थिक केंद्र भी बन चुका है।
उज्बेकिस्तान का प्राकृतिक खजाना और उसकी वैश्विक अहमियत
* यूरेनियम का पावरहाउस: वर्ल्ड न्यूक्लियर एसोसिएशन के मुताबिक, उज्बेकिस्तान दुनिया का 5वां सबसे बड़ा यूरेनियम सप्लायर है। नवोई और मध्य किजिलकुम जैसे क्षेत्रों में ‘इन-सीटू लीचिंग’ (पर्यावरण अनुकूल आधुनिक तकनीक) के जरिए इसका बड़े पैमाने पर खनन किया जाता है। भारत की बढ़ती परमाणु ऊर्जा जरूरतों के लिए उज्बेकिस्तान एक भरोसेमंद ईंधन साझेदार साबित हो सकता है।
* मुरुंताउ और सोने का साम्राज्य: उज्बेकिस्तान की मुरुंताउ खदान दुनिया की सबसे बड़ी ओपन-पिट सोने की खदानों में गिनी जाती है। यह सोना देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार की रीढ़ है।
* प्राकृतिक गैस और पेट्रोकेमिकल्स: तेल की तुलना में यहां प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार हैं, जिनका इस्तेमाल बिजली उत्पादन और उच्च मूल्य वाले पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा है।
* भविष्य के ‘क्रिटिकल मिनरल्स‘: वैश्विक ऊर्जा बदलाव (Energy Transition) के दौर में इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और सोलर पैनल के लिए जरूरी तांबा, लिथियम, निकल, जस्ता और दुर्लभ खनिज (Rare Earth Elements) यहां प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं।
भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक अवसर
* ऊर्जा और परमाणु सहयोग: भारत अपने क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए परमाणु ऊर्जा का विस्तार कर रहा है, जहां उज्बेकिस्तान का यूरेनियम अहम भूमिका निभा सकता है।
* व्यापार और फार्मा सेक्टर: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 1.3 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। उज्बेकिस्तान में भारतीय दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और आईटी सेवाओं की भारी मांग है।
* कनेक्टिविटी और सुरक्षा: चाबहार बंदरगाह और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) के जरिए भारत मध्य एशिया तक सीधी पहुंच बना रहा है। इसके साथ ही, अफगानिस्तान के संदर्भ में क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में दोनों देशों की साझेदारी बेहद अहम है।
