* छात्र आंदोलन बनाम सियासी महत्वाकांक्षा: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर सोनम वांगचुक की दो टूक
Sonam Wangchuk: क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) आंदोलन और उसके आयोजकों की कार्यशैली पर अपने विचार साझा किए हैं। एक हालिया पॉडकास्ट में उन्होंने आयोजक अभिजीत दिपके और उनकी टीम के रुख का विश्लेषण करते हुए कहा कि युवाओं में राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना स्वाभाविक है, लेकिन आंदोलन के मंच की निष्पक्षता से समझौता नहीं होना चाहिए।
महत्वाकांक्षा गलत नहीं, पर मंच की निष्पक्षता जरूरी
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि आयोजकों ने सीधे तौर पर कोई सियासी योजना उनके सामने नहीं रखी, यह उनका निजी आकलन है। उनका मानना है कि आंदोलन से जुड़े लोग संत नहीं हैं, उनके अपने लक्ष्य हो सकते हैं। वांगचुक के अनुसार….
* युवाओं का राजनीति में कदम रखना या भविष्य के लिए सियासी लक्ष्य तय करना पूरी तरह सामान्य और जायज है।
* आयोजकों के पिछले राजनीतिक संबंधों से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वे वर्तमान में क्या रुख अपनाते हैं।
* यदि CJP खुद को एक छात्र आंदोलन के तौर पर पेश करती है, तो उसे अपनी गैर-राजनीतिक और तटस्थ पहचान बरकरार रखनी चाहिए।
नीयत और काबिलियत का संतुलन
नेतृत्व के अनुभव पर चर्चा करते हुए वांगचुक ने कहा कि आयोजक अच्छे इरादों वाले और सक्षम युवा हैं। उन्होंने रेखांकिसंतुलन….
* अच्छे इरादों के साथ प्रशासनिक और संगठनात्मक कुशलता का होना जरूरी है, ताकि गलतियों से बचा जा सके।
* वर्तमान में आयोजकों के गलत रास्ते पर जाने के कोई संकेत नहीं हैं, और उम्मीद है कि वे आगे भी अपने मूल्यों पर टिके रहेंगे।
CJP को लॉन्चपैड न बनाने की सलाह
वांगचुक ने आयोजकों को सुझाव दिया कि यदि उनका अंतिम लक्ष्य राजनीति ही है, तो वे किसी स्थापित दल से जुड़ सकते हैं या नया राजनीतिक दल गठित कर सकते हैं। हालांकि, CJP जैसे स्वतंत्र मंच को सीधे चुनावी राजनीति का लॉन्चपैड नहीं बनाना चाहिए।
इसे एक स्वतंत्र ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में बनाए रखने से आम जनता और छात्रों का यह भरोसा बना रहेगा कि यह मंच भाजपा, कांग्रेस या आप जैसी पार्टियों से परे विशुद्ध रूप से छात्रों की आवाज है। शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़कर आगे बढ़ना युवाओं को भविष्य में ज्यादा जमीनी और परिपक्व नेता बनने में मदद करेगा।
