Politics : देश की राजनीति में पिछले 15-20 दिनों का घटनाक्रम बेहद रोमांचक रहा है। एक तरफ जहां राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की है, वहीं दूसरी ओर गैर-बीजेपी शासित राज्यों में भी पार्टी और उसके छात्र संगठन (ABVP) ने अप्रत्याशित और ऐतिहासिक सफलता हासिल कर राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। आइए एक नजर डालते हैं इस सियासी हलचल की मुख्य बातों पर. ..
राजस्थान निकाय चुनाव: ‘डबल-इंजन’ सरकार पर जनता का अटूट भरोसा
शहरी निकायों में परचम…
* राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में बीजेपी ने 10 में से 4 नगर निगमों (जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा) में पूर्ण बहुमत हासिल किया है।
* वार्डों का गणित: कुल घोषित परिणामों में बीजेपी को 4,179 वार्डों में जीत मिली, जबकि कांग्रेस 3,613 सीटों पर सिमट कर रह गई।
* पीएम मोदी का बयान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर इस जीत को ‘झूठ की गूंज’ पर ‘सत्य की जीत’ करार दिया और कहा कि यह जनता का डबल-इंजन सरकार की नीतियों पर मुहर है।
पिछले 15-20 दिनों में देश की सियासत का बदला रुख
खास बात यह है कि जिन राज्यों में फिलहाल बीजेपी की सरकार नहीं है, वहां भी पार्टी और उसके सहयोगी संगठनों को जबरदस्त जनादेश मिला है…
* पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव: छात्र संगठन ABVP ने पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव में शानदार जीत दर्ज की।
* हिमाचल जिला परिषद चुनाव: बीजेपी ने हिमाचल प्रदेश के 11 में से 10 जिला परिषदों पर कब्जा जमा लिया। सबसे बड़ा उलटफेर यह रहा कि कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली शिमला जिला परिषद को 26 साल बाद बीजेपी ने अपने नाम कर लिया (जबकि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है)।
* मंगलोर यूनिवर्सिटी (कर्नाटक): यहां ABVP ने इतिहास रचते हुए सभी 6 की 6 सीटों पर भगवा झंडा फहराया।
इन तमाम चुनावी परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि देश की जनता अब प्रोपगैंडा और बहकावे में आने के बजाय विकास, सुशासन और सच्चाई के साथ मजबूती से खड़ी है।
इस शानदार राजनीतिक बदलाव को लेकर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि आने वाले समय में देश की राजनीति में इसका एक बड़ा असर देखने को मिलेगा?
