* भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक FTA का ऐलान: 20 अक्टूबर से खुलेगा 20 अरब डॉलर के निवेश का रास्ता
New Zealand-India FTA : अमेरिका की 100% टैरिफ की धमकियों के बीच भारत और न्यूजीलैंड ने आपसी भरोसे की एक नई इबारत लिखी है। दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आगामी 20 अक्टूबर यानी दशहरे के पावन अवसर पर लागू होने जा रहा है। इसे दिवाली से ठीक पहले भारतीय कारोबारियों, युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा तोहफा माना जा रहा है।
इस समझौते से जुड़ी मुख्य बातें….
* भारी-भरकम निवेश: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इस समझौते से भारत में 20 अरब डॉलर (लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये) तक का नया निवेश आने का रास्ता साफ होगा।
* व्यापक दायरा: यह FTA आईटी, पेशेवर सेवाएं, ऑडियो-विजुअल, निर्माण और पर्यटन सहित 118 से अधिक क्षेत्रों और 139 उप-क्षेत्रों को कवर करता है।
* दशहरे पर मुहर, दिवाली पर सौगात: 20 अक्टूबर को दशहरा होने के कारण इसे देश के व्यापारिक जगत के लिए एक शानदार सौगात के रूप में देखा जा रहा है।
युवाओं, छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए बंपर मौके
* रोजगार और वीजा: कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए हर साल 5,000 अस्थायी रोजगार वीजा और युवाओं के लिए 1,000 वर्किंग हॉलीडे वीजा का विशेष प्रावधान किया गया है।
* छात्रों के लिए शानदार अवसर: स्टूडेंट मोबिलिटी पर कोई रोक नहीं होगी। एसटीईएम (STEM) विषयों के स्नातकों को पढ़ाई के बाद 3 साल और पीएचडी/डॉक्टरेट शोधार्थियों को 4 साल तक काम करने का अधिकार मिलेगा।
भारतीय किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों की पूरी सुरक्षा
इस समझौते में घरेलू किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है..
* ये उत्पाद रहेंगे टैक्स छूट से बाहर: डेयरी उत्पाद, पशु मांस (भेड़ को छोड़कर), प्रमुख कृषि उत्पाद, चीनी और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील उत्पादों को शुल्क रियायतों से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
* घरेलू किसानों की सुरक्षा: न्यूजीलैंड के सेब, कीवी और शहद के लिए न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) और मौसमी आयात व्यवस्था जैसी सख्त शर्तें लागू की गई हैं।
* विशेष तकनीक और सहभागिता: बागवानी और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एक संयुक्त कृषि उत्पादकता परिषद की स्थापना की जाएगी।
फार्मा सेक्टर को बड़ी राहत
अब न्यूजीलैंड अमेरिका के FDA, यूरोप की EMA, ब्रिटेन की MHRA और हेल्थ कनाडा जैसे वैश्विक नियामकों की स्वीकृतियों को मान्यता देगा। इससे भारतीय फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में प्रवेश बेहद आसान और तेज हो जाएगा।
एक नजर आंकड़ों पर
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 1.1 अरब डॉलर का रहा है, जिसे इस समझौते के बाद नई ऊंचाइयां मिलने की पूरी उम्मीद है।
