SC : सुप्रीम कोर्ट को कोई डरा-धमका नहीं सकता, राहुल गांधी के मार्च पर CJI की दो टूक

Bindash Bol

SC :  मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विपक्ष की कानूनी लड़ाई अब देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। INDIA ब्लॉक के 13 प्रमुख नेताओं द्वारा दाखिल की गई संयुक्त याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की तीखी और स्पष्ट टिप्पणियों ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

“कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा-धमका नहीं सकता” – CJI जस्टिस सूर्यकांत

​सुनवाई की शुरुआत में ही सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विपक्षी मार्च और न्यायालय पर डाले जा रहे कथित दबाव को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा….
​“कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा-धमका नहीं सकता… ये बेकार की कोशिशें हैं और इन पर कोई ध्यान नहीं देता। अदालत को अच्छी तरह पता है कि बाहर क्या कहा जा रहा है और अंदर क्या कहा जा रहा है। हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं रह रहे हैं… हमें हर बात की जानकारी है।”

याचिका के मुख्य बिंदु और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलें

​याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को मामलों की रूपरेखा समझाई। उन्होंने कहा कि यह मामला कई गंभीर मुद्दों से जुड़ा हुआ है…..

* ​सामूहिक निर्णय: धारा 18 के तहत चुनाव आयोग द्वारा लिए जाने वाले सामूहिक निर्णयों की प्रक्रिया।

* ​मतदाता सूची और फॉर्म: फॉर्म 6 और फॉर्म 7 से जुड़े विवाद और प्रक्रियागत सवाल।

* ​SIR प्रक्रिया: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े रिकॉर्ड और फैसलों की पारदर्शिता।

याचिकाकर्ताओं के आचरण पर उठे सवाल

​सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस तो जारी कर दिया है, लेकिन साथ ही एक याचिकाकर्ता के आचरण पर कड़ी आपत्ति भी जताई है। CJI जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया….

​“नोटिस जारी करें… हम यही तो कह रहे हैं। लेकिन इससे पहले एक आपत्ति है। हम अगली सुनवाई की तारीख पर याचिकाकर्ताओं में से एक से उसके आचरण के बारे में स्पष्टीकरण मांगेंगे। नोटिस जारी करने का मतलब यह कतई नहीं है कि हम किसी चीज़ की निंदा कर रहे हैं… हम नोटिस जारी कर रहे हैं… लेकिन एक याचिकाकर्ता के संबंध में, उसके आचरण के स्पष्टीकरण के आधार पर इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा।”

राहुल गांधी समेत 13 नेताओं की संयुक्त याचिका

​कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के 13 शीर्ष नेताओं ने इस संयुक्त याचिका के जरिए चुनाव आयोग की स्वायत्तता, पारदर्शिता और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की कथित एकतरफा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी नेताओं की मांग है कि चुनाव आयोग के इन फैसलों और SIR से जुड़े रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
​सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख और नोटिस के बाद अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत याचिकाकर्ता के आचरण पर स्पष्टीकरण और चुनाव आयोग के जवाब का मूल्यांकन करेगी।

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