* ‘भारत में बांग्लादेश वाला खेल नहीं चलेगा’: सुवेंदु अधिकारी का ‘रिजीम चेंज’ पर करारा जवाब, कहा- सरकार बदलनी है तो चुनावी मैदान में उतरो
Bengal CM : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति को सामान्य बताते हुए साफ कहा कि कुछ जगहों पर डॉक्टरों की कमी के बावजूद पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर के सहयोग से ट्रॉमा, इमरजेंसी, एडमिशन और एंबुलेंस सेवाएं निर्बाध रूप से चल रही हैं। उन्होंने लोकतंत्र पर दो-टूक टिप्पणी करते हुए जोर दिया कि भारत में सरकार बदलनी हो तो सिर्फ चुनाव के जरिए बदली जानी चाहिए। “यह बांग्लादेश नहीं है, जहां घेराबंदी कर सत्ता परिवर्तन हो जाए,” उन्होंने कहा।
त्योहारों के मौसम में स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर
दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की पृष्ठभूमि में सीएम ने कहा कि प्रदेश में पिछले अनुभवों के आधार पर कुछ चुनौतियां रही हैं। डॉक्टरों की उपलब्धता सीमित होने के बावजूद स्थिति नियंत्रित है। “आप खुद देख सकते हैं, कहीं भी कोई रिफ्यूज नहीं है। ट्रॉमा चालू है, इमरजेंसी चालू है, एडमिशन हो रहा है। हमारा जितना इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर है, सबके सहयोग से अच्छा काम हो रहा है। हम खुश हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने त्योहारों के मौसम में विशेष निगरानी पर जोर देते हुए बताया कि दुर्गा पूजा से लेकर विसर्जन, दिवाली और छठ तक स्वास्थ्य सेवाओं की क्लोज मॉनिटरिंग जरूरी है। छठ में दो से ढाई करोड़ लोग शामिल होते हैं, इसलिए ट्रॉमा, इमरजेंसी, एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाओं की भूमिका और भी अहम हो जाती है।
स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी
सीएम ने स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य केंद्र के 467 केंद्रों को तुरंत चालू करना प्राथमिकता है और दिसंबर में इनका एक साथ उद्घाटन किया जाएगा। हर ब्लॉक हेल्थ सेंटर में पोर्टेबल एक्स-रे और अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन, हर सब-डिवीजन में सीटी स्कैन, डायलिसिस, एसएनसीयू और आईसीयू तथा हर जिला अस्पताल में एमआरआई सुविधा अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा गया है। भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
चार नए मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पश्चिम बर्दवान में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, अलीपुरद्वार में लगभग एक साल लगेगा, जबकि कालिम्पोंग और बालूरघाट में नवंबर के अंत तक भूमि पूजन राज्य के बजट से किया जाएगा।
‘भारत लोकतंत्र का देश है, घेराबंदी नहीं चलेगी’
देश में सत्ता परिवर्तन के सवाल पर सुवेंदु अधिकारी ने सबसे कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “देश में किसी सरकार या राजनीतिक पार्टी को बदलना है तो चुनाव से ही बदलना चाहिए। भारत एक बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहां कानून बनाने वाली संस्था, ब्यूरोक्रेसी, न्यायपालिका और मीडिया—ये चार स्तंभ एक साथ काम करते हैं।”
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “यह कोई बांग्लादेश नहीं है कि अचानक सब लोग मिलकर राष्ट्रपति भवन या संसद की घेराबंदी कर दें और सरकार बदल जाए। ऐसा हमारे देश में नहीं होगा। अस्सी प्रतिशत जनता इसका विरोध करेगी। मैं राजनीतिक बात नहीं कर रहा, लोकतंत्र की बात बता रहा हूं। प्रधानमंत्री साहब ने जो कहा, वह लोकतंत्र के लिए कहा। देश के अंदर सभी को देशहित में एकजुट होना चाहिए।”
सीएम ने देश की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि पहले रक्षा उपकरण बाहर से खरीदने पड़ते थे, आज 50 से ज्यादा देश भारत से रक्षा सामग्री ले रहे हैं। ब्रह्मोस का बाजार कितना बड़ा है, यह सब जानते हैं। 2014 में अर्थव्यवस्था 12वें स्थान पर थी, आज चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है और तीसरे स्थान की ओर बढ़ रही है। इसलिए सबको मिलकर देश को मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि जब चुनाव आएंगे, तब हर कोई अपना घोषणा-पत्र रखेगा। जनता एक को स्वीकार करेगी, दूसरे को अस्वीकार। “सब कुछ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। लोकतंत्र के बाहर कुछ करने की जरूरत नहीं है। जब लोकतंत्र या व्यवस्था पर कोई उंगली उठाएगा, तब जनता खड़ी हो जाएगी।”