Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का त्योहार 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। शाम को भगवान श्रीगणेश के साथ करवा माता यानी चौथ माता की पूजा की जाती है। पूजा के बाद आरती करने का भी खास महत्व माना जाता है।
करवा माता की आरती
ऊं जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो कोई आपका व्रत रखे, कृपया उसकी नैया पार लगाओ।
आप सम्पूर्ण जगत की माता हैं, आप रुद्रायणी हैं।
संसार के सभी प्राणी आपका गुणगान करते हैं।
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो स्त्री व्रत रखे,
उसके पति की आयु लंबी हो और सभी दुख दूर हों।
ऊं जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो कोई आपका व्रत रखे, कृपया उसकी नैया पार लगाओ।
सुहागिन स्त्रियों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो।
भगवान गणेश दयालु हैं, सभी विघ्नों का निवारण हो।
ऊं जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो कोई आपका व्रत रखे, कृपया उसकी नैया पार लगाओ।
करवा मैया की आरती जो कोई व्रत रखकर गाए,
उसका व्रत पूरा हो और सभी अनुष्ठान सुख प्रदान करें।
ऊं जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो कोई आपका व्रत करे, कृपया उसे भवसागर से पार लगाएं।
कौन हैं करवा माता?
करवा माता से जुड़ी एक कथा प्रचलित है। इसके अनुसार, पुराने समय में करवा नाम की एक पतिव्रता स्त्री रहती थी। एक दिन जब उसका पति नदी में स्नान कर रहा था, तभी एक मगरमच्छ ने उसे पकड़ लिया। अपने पति को संकट में देखकर करवा ने अपने तप के बल पर मगरमच्छ को सूती धागे से बांध लिया और उसे लेकर यमराज के पास पहुंच गई। करवा ने यमराज से मगरमच्छ को दंड देने और अपने पति की रक्षा करने की प्रार्थना की। कथा के अनुसार, यमराज ने मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया और करवा के पति को लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया। चित्रगुप्त ने भी करवा को आशीर्वाद दिया कि जो महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखेंगी, उनका सुहाग बना रहेगा। मान्यता है कि तभी से इस व्रत का नाम करवा चौथ पड़ा।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। बिंदास बोल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता।